नई दिल्ली : आयकर विभाग की पणजी (गोवा) स्थित जांच शाखा ने विलासितापूर्ण आवास परियोजनाओं के विकास का कारोबार करने वाली दो रियल एस्टेट कंपनियों मैसर्स वियानार ग्रुप और मेसर्स इस्प्रवा ग्रुप के ठिकानों पर तलाशी और सर्वेक्षण का बड़ा अभियान शुरू किया है।
वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि कई राज्यों में फैले इस अभियान का उद्देश्य बड़े पैमाने पर लक्जरी विला परियोजनाओं से जुड़ी संभावित कर चोरी और अघोषित संपत्ति को उजागर करना है। कार्रवाई सोमवार से चल रही है। विभाग के अनुसार इस अभियान में बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी और पत्तिजनक दस्तावेज सामने आए हैं, जिनसे इस मामले में कर चोरी के संभावित संकेत प्राप्त होते हैं।
बयान में कहा गया है कि इन फर्मों के मुंबई, दिल्ली, नोएडा और अमृतसर सहित कई बड़े शहरों में स्थित कुल 31 परिसरों पर तलाशी और सर्वेक्षण की कार्रवाई की गयी है। बेंगलुरु, दिल्ली, मुंबई, गुड़गांव और देहरादून में भी आयकर विभाग की टीमें कल सुबह से छान-बीन कर रही है। पूरे भारत के विभिन्न शहरों में संचालन के साथ, वियानार समूह और इस्प्रावा समूह दोनों की रियल एस्टेट क्षेत्र में महत्वपूर्ण मौजूदगी है। इसके अतिरिक्त, ये समूह एक समानांतर हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट संचालित करते हैं, जो न केवल भारत में बल्कि दक्षिण पूर्व एशिया में भी अपार्टमेंट और विला किराए पर देते हैं।
आयकर की दो कंपनियों पर छापामारी
