गाँधीनगर : गुजरात सरकार ने शाला आरोग्य-राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (एसएचआरबीएसके) के तहत राज्य के स्कूली बच्चों के निशुल्क स्वास्थ्य जाँच अभियान की शुरुआत 20वें शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के पहले दिन सोमवार (12 जून) से की है।
सरकारी सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इस अभियान को अगले 30 दिनों तक सघन तरीके से चलाया जाएगा जिसमें गुजरात सरकार ने लगभग एक करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों की निशुल्क स्वास्थ्य जाँच का लक्ष्य रखा है।
एसएचआरबीएसके केन्द्र और राज्य द्वारा सह-संचालित एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत राज्य में नवजात से लेकर छह वर्ष तक के आंगनबाड़ी बच्चों, प्राथमिक विद्यालय के बच्चों, माध्यमिक/उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों और यहाँ तक कि 18 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों का भी निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण राज्य सरकार के द्वारा किया जाता है।
गुजरात शाला आरोग्य- राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (एसएचआरबीएसके) के क्रियान्वयन में एक अग्रणी राज्य है। एसएचआरबीएसके की 992 मोबाइल हेल्थ टीम बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच इस अभियान को सफल बनाने के लिए करेगी। एसएचआरबीएसके की प्रत्येक मोबाइल हेल्थ टीम में डॉक्टर, फार्मसिस्ट और हेल्थ वर्कर शामिल रहेंगे। जो राज्य के स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की जाँच करेगी। उल्लेखनीय है कि इस अभियान के दौरान बीमार पाए जाने वाले बच्चों को सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों जैसे प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध अस्पताल एवं सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल्स में निःशुल्क उपचार राज्य सरकार के द्वारा प्रदान किया जाता है।
बच्चों के बुद्धि विकास और पोषण स्तर की मॉनिटरिंग के लिए जारी होंगे डिजिटल हेल्थ कार्ड: राज्य सरकार ने गुजरात के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बुद्धि विकास और पोषण स्तर की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी करने का भी निर्णय किया है। इस हेल्थ कार्ड में हेल्थ के विभिन्न पैरामीटर जैसे बच्चों की लंबाई, एनीमिया के स्तर, और पोषण के स्तर आदि की जानकारी उपलब्ध रहेगी। राज्य की एसएचआरबीएसके मोबाइल हेल्थ टीम और समुदाय स्वास्थ्य अधिकारी, स्कूल के नोडल शिक्षक के साथ समन्वय करेंगे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी इस डिजिटल हेल्थ कार्ड में अपडेट करेंगे। यह डिजिटल हेल्थ कॉर्ड छात्र और अभिभावकों के लिए भी उपलब्ध रहेगा।
स्कूली बच्चों के बुद्धि विकास और पोषण स्तर की मॉनिटरिंग के लिए डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य है। इतना ही नहीं, इस अभियान के दौरान स्कूल को नोडल शिक्षक और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी आपस में समन्वय कर सभी छात्र-छात्राओं की आभा आईडी यानी आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट से संबंधित कार्यों को भी संपादित करेंगे।
स्टूडेंट रिपोर्ट कार्ड में अब से ग्रेड्स के साथ हेल्थ रिपोर्ट्स का भी उल्लेख होगा। राज्य सरकार ने अनूठी पहल करते हुए बच्चों की मार्कशीट यानी स्टूडेंट रिपोर्टकार्ड में अब से ग्रेड्स के साथ-साथ छात्र के हेल्थ रिपोर्ट की जानकारी भी उपलब्ध कराने का निर्णय किया है।
साल भर छात्र का स्वास्थ्य कैसा रहा इसकी प्रामाणिक जानकारी के लिए इस वर्ष से हर तीन महीने में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच कराए जाने की योजना है। इसके बाद छात्रों के अंतिम परीक्षा परिणाम में आने वाले स्टूडेंट रिपोर्ट कार्ड में अंतिम हेल्थ रिपोर्ट को उल्लिखित किया जाएगा। इस पहल को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग की ओर से आपस में डेटा इंटीग्रेशन का काम शुरू कर दिया गया है। बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति इस तरह का सराहनीय कदम उठाने वाला गुजरात देश का इकलौता पहला राज्य है।
