देहरादून : उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में लव जेहाद की घटनाओं के बाद बाहर से आए मुस्लिमों को वापस जाने के आह्वान के बाद, देवभूमि रक्षा अभियान के तहत गुरुवार को होने वाली महापंचायत जिला प्रशासन की कड़ाई के बाद स्थगित हो गई। महापंचायत में शामिल होने वाले सभी संभावित लोगों को बुधवार दिन से ही उनके घरों में नजरबंद कर लिया गया।
इस बीच, आज पुरोला घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने सभी लोगों से शांति व्यवस्था बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी माहौल खराब करने की कोशिश करेगा तो कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक हुई घटनाओं में प्रशासन ने ठीक तरीके से काम किया। अगर कोई दोषी होगा तो उसके खिलाफ कानून काम करेगा। कोई कानून अपने हाथ में न ले।
इससे इतर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पार्टी मुख्यालय में मीडिया से कहा कि भाजपा इस पूरे प्रकरण में जनता की चिंता को बखूबी समझती है, लेकिन प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि जो लोग लव जिहाद या लैंड जिहाद की गतिविधियों में लिप्त हैं वे अधिकाँश राज्य के समुदायों से नहीं हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की गरीब बहिन-बेटियों को बरगलाकर, धोखा देकर या प्रलोभन देकर षड्यंत्र में लगे ऐसे लोगों पर सख्त धर्मांतरण, सत्यापन और भू-कानून के कारण रोक लगी है ।
भट्ट ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि इस तरह की साजिशों पर लगाम लगने से वह परेशान है और जो लोग फिर भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, वे कानूनी शिकंजे में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जन पंचायतों के आयोजन और अन्य घटनाओं के माध्यम से शांति व्यवस्था खराब होने पर भी वह राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा कि देवभूमि के स्वरूप के सरंक्षण के लिए परिवार और समाज मे जागरुकता के लिए सभी को आगे आना होगा।
पुरोला में प्रशासन की सख्ती के बाद महापंचायत स्थगित
