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अमरनाथ यात्रा सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल

श्रीनगर : फारूक अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि अमरनाथ यात्रा सांप्रदायिक सौहार्द की एक मिसाल है। अब्दुल्ला ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा कि कुछ लोगों ने देश में नफरत फैलायी है और उन्हें देखना चाहिए कि किस प्रकार से यहां के मुसलमान हिंदुओं की आरामदायक यात्रा के लिए सहायता प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर में अमरनाथ यात्रा सांप्रदायिक सौहार्द का एक उदाहरण है, जो देश में नफरत फैलाने वालों के लिए एक सबक है।
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कश्मीर के लिए बहुत अच्छा है कि जो लोग अमरनाथ यात्रा के लिए आ रहे हैं उन्हें यहां भाईचारे की वास्तविकता का पता चलता है। अब्दुल्ला ने कहा कि कश्मीरी लोग तीर्थयात्रियों की मदद कर रहे हैं, उनका सामान ले जा रहे हैं और उन्हें सभी प्रकार की सेवाएं प्रदान कर रहा हैं जिससे उनकी यात्रा सुचारू रूप से हो सके। उन्होंने कहा कि अगर अमरनाथ यात्रा रोकी जाती है तो इससे यहां के गरीबों को नुकसान होगा, जिनकी कमाई से उन्हें सर्दियों में जीवनयापन करने में मदद मिलती है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बिजली की कमी प्रत्येक वर्ष चिंता का विषय रहता है। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि बिजली में सुधार किया जाएगा और सरकार से उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली प्रदान करने के लिए उपाय करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पानी की कमी भी हो रही है हालांकि अभी यह स्थिति ज्यादा गंभीर नहीं है लेकिन अधिकारियों को इसे गंभीरतापूर्वक लेना चाहिए। श्री फारूक ने कहा कि राशन आपूर्ति के मामले में केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए इसमें कटौती कर दी है।
फारूक ने कहा कि वह खाद्य संबंधी संसदीय समिति का सदस्य होने के नाते पहले ही भारत सरकार से अनुरोध कर चुके हैं कि जम्मू कश्मीर के लोगों को पूर्व मानदंडों के हिसाब से राशन की आपूर्ति प्रदान की जाए और उन्हें उम्मीद है कि इसपर उचित कदम उठाया जाएगा।

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