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अतीक-अशरफ के हत्यारोपियों की न्यायिक हिरासत और 14 दिन बढ़ी

प्रयागराज : माफिया अतीक अहमद और खालिद अजीम उर्फ असरफ की हत्या के तीनो आरोपियों की न्यायिक हिरासत मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने मंगलवार को 14 दिन के लिये और बढा दिया है। शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शूटर सनी सिंह, अरूण मौर्य तथा लवलेश तिवारी से और पूछताछ करने के लिए अदालत में पत्र प्रस्तुत किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार गौतम की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद एसआईटी की मांग मंजूर करते हुए तीनों आरोपियों को और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया।
अधिवक्ता अग्रहरि ने बताया कि मामले की सुनवाई तीन जुलाई को होगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर प्रतापगढ़ जेल में बंद तीनो की पेशी वीडियो कान्फ्रेसिंग द्वारा हुई। तीनों हत्यारोपी प्रतापगढ़ जेल में ही न्यायिक अभिरक्षा में ही रहेंगे।
गौरतलब है कि 15 अप्रैल को पुलिस हिरासत में अतीक और अशरफ की बेहद करीब से जिगाना पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच एसआईटी और न्यायिक जांच आयोग कर रहा है। इससे पहले एसआईटी तीनों आरोपियों से प्रतापगढ़ जेल में पूछताछ कर चुकी है। फॉरेंसिक जांच और एफएसएल रिपोर्ट में सामने आया है कि हत्या जिगाना पिस्टल से की गई है। सनी को साजिश का मुख्य आरोपी माना जा रहा है।
इस हत्याकांड में एसआईटी को अभी भी कई सवालों के जवाब मिलने बाकी हैं। यही वजह है कि अभी तक चार्जशीट नही दाखिल हो पाई है। जून के अंतिम सप्ताह तक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी है। असलहों की फॉरेंसिक जांच को आधार बनाया गया है।

हत्याकांड में इस्तेमाल असलहों की हुई फॉरेंसिक जांच और एफएसएल रिपोर्ट में सामने आया है कि हत्या जिगाना पिस्टल से की गई है। एसआईटी अभी इस बात का खुलासा नहीं कर पाई है कि बिना किसी मोबाइल के तीनों के बीच कम्युनिकेशन का माध्यम क्या था। क्या कोई चौथा व्यक्ति भी थे था जो तीनों को लाकर काल्विन अस्पताल तक छोड़ गया था। कोई ना कोई बड़ा चेहरा इस हत्याकांड के पीछे है, जिसे बेनकाब करने के लिए एसआईटी अब फिर पूछताछ करेगी।

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