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नशा मुक्त-हरियाणा अभियान की शुरुआत

पंचकूला : हरियाणा से नशे को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति दिवस पर सोमवार को प्रदेशव्यापी नशा मुक्त-हरियाणा अभियान की शुरुआत की। खट्टर के गत पांच मई को अपने जन्म दिवस पर संत समाज के साथ शुरू किए गए नशा मुक्ति के संकल्प को मात्र 51 दिनों में ही धरातल पर उतारा दिया है। इस अभियान के तहत सरकार के साथ संत समाज सहयोगात्मक तरीके से नशा पीड़ितों को जागरूक कर उन्हें समाज में मुख्यधारा से जोड़ने का काम करेंगे और नागरिकों को भी नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बताएंगे, ताकि कोई व्यक्ति नशे का आदि न बने।
नशीली दवाओं के दुष्प्रभाव एवं अवैध तस्करी के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय दिवस के उपलक्ष्य में पंचकूला में आज आयोजित एक कार्यक्रम के तहत इस अभियान की शुरूआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिन का सही उद्देश्य तभी सफल होगा, जब सभी मिलकर एक अभियान चलाएं और इसे समाज हित में क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने आह्वान किया कि नशे की समस्या को दूर करने के लिए संत जनों के माध्यम से समाज के अंदर हर व्यक्ति, हर संस्था अपनी भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र खासकर सिरसा से लेकर अम्बाला, यमुनानगर, पंचकूला, इस समस्या से प्रभावित है, वहाँ से सभी संस्थाओं को बुलाया गया है। इस कार्यक्रम में संतों, स्वयं सेवी संगठनों, नशा मुक्ति केंद्रों और विभिन्न खापों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सरकार साधन उपलब्ध करा सकती है और योजनाओं में सहयोग कर सकती है, लेकिन जन जागरण का काम सामाजिक लोग ही कर सकते हैं।
खट्टर ने कहा कि नशा मुक्ति हरियाणा अभियान के तहत एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी, जिसमें सभी सामाजिक संस्थाएँ, धार्मिक संस्थाएँ, सरकार के प्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी तथा सम्बंधित विभागों के प्रतिनिधि इसका हिस्सा होंगे। सभी लोग मिलकर समन्वय स्थापित कर पूरे प्रदेश में यह अभियान चलाएंगे। उन्होंने बताया कि दवाओं की अवैध बिक्री रोकने हेतु मोबाइल ऐप ‘साथी’ बनाया है।

अपराधिक गतिविधियों के डाटाबेस के लिए सॉफ्टवेयर ‘हॉक’ विकसित किया है तथा पंचकूला में अन्तरराज्यीय ड्रग सचिवालय की स्थापना की गई है। इसके अलावा, राज्य सरकार सरकार जन जागृति के लिए विशेष जागरूकता अभियान चला रही है। इसके लिए ग्राम से राज्य स्तर तक मिशन टीमों का गठन किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मन में आत्मबल, साहस और शक्ति हो तो नशा या कोई भी समस्या दूर की जा सकती है और उस पर विजय प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा, ध्यान या योगा साधना को भी जीवन का महत्वपूर्ण अंग बनाकर भी नशे की समस्या पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि छोटे बच्चों को भी संस्कार मिलने चाहिए कि नशा एक बुरी चीज है।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला तथा धार्मिक हस्तियों में दयानंद जी महाराज, राघवानंद जी महाराज, साध्वी अमृता दीदी, रविशा जी महाराज, बाबा जितेंद्रपाल सोढ़ी, महंत चरण दास जी, सम्पूर्णानंद जी, महंत कर्मजीत सिंह सहित अन्य संत-महात्मा उपस्थित थे।

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