चंडीगढ़ : पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने तरनतारन जिले की सब-तहसील झबाल में तैनात पटवारी अभीजोत सिंह और तहसीलदार के रीडर गुरविन्दर सिंह को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिफ़्तार किया है। दोनों अधिकारियों को शिकायतकर्ता की शिकायत पर गिरफ़्तार किया गया है।
ब्यूरो के प्रवक्ता ने शुक्रवार को बताया कि शिकायतकर्ता अवतार सिंह निवासी गाँव सवरगापुरी ज़िला तरन तारन ने सतर्कता ब्यूरो अमृतसर रेंज की तरनतारन यूनिट के पास शिकायत दर्ज करवाई थी कि आरोपी पटवारी और रीडर ने झबाल के तहसीलदार की तरफ से 25 मई को मुशतरका खाता (सांझे खाते) ज़मीन के मामले में पास किये आदेश को एक महीने के लिए रोकने के एवज में उससे एक लाख रुपए रिश्वत माँगी है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि गुरमेज सिंह और पलविन्दर सिंह ने 2019 में तहसीलदार झबाल के दफ़्तर में 68 कनाल सांझे खाते ( मुशतरका खाता) वाली ज़मीन के बटवारे के लिए आवेदन दिया था और इस मामले में उसका पक्ष सुने बगैर तहसीलदार ने गत 25 मई को गुरमेज सिंह और अन्यों के हक में फ़ैसला कर दिया। इस फ़ैसले के बाद गुरमेज सिंह ने पटवारी अभीजोत सिंह के साथ मिलीभुगत करके सात कनाल 14 मरले अतिरिक्त ज़मीन ले ली और जब शिकायतकर्ता ने पटवारी और तहसीलदार के रीडर के पास पहुँचा तो उन्होंने तहसीलदार के हुक्म पर एक महीने तक अमल रोकने के लिए उससे एक लाख रुपए की रिश्वत माँगी।
प्रवक्ता ने बताया कि इस शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद सतर्कता ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से पहली किश्त के तौर पर 50 हजार रुपए रिश्वत लेते हुये गिरफ्तार कर लिया। इस सम्बन्ध में पटवारी और तहसीलदार के रीडर के खि़लाफ़ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।
पटवारी, तहसीलदार का रीडर रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ़्तार
