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केंद्र की भाजपा सरकार किसान विरोधी

चेन्नई : एम के स्टालिन ने शनिवार को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को किसान विरोधी करार दिया। स्टालिन ने यहां विशाल चेन्नई ट्रेड सेंटर में एग्री-बिजनेस एक्सपो का उद्घाटन करने के बाद कहा कि केंद्र सरकार किसानों के खिलाफ तीन कृषि कानून लेकर आई और उन्हें चिलचिलाती गर्मी तथा कंपकंपाती ठंड में महीनों तक राष्ट्रीय राजधानी में लड़ने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा,“भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार किसान विरोधी सरकार है, लेकिन राज्य की द्रमुक सरकार हमेशा किसानों की मित्र रहेगी।”
किसानों के कल्याण के लिए दिवंगत मुख्यमंत्री और द्रमुक संरक्षक एम करुणानिधि द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की ओर इशारा करते हुए श्री स्टालिन ने कहा कि यह श्री करुणानिधि ही थे जिन्होंने किसानों के लिए 7,000 करोड़ रुपये का कृषि ऋण माफ किया था।
स्टालिन ने कहा कि ‘उझावर संथाई’ (किसान बाजार) की स्थापना करुणानिधि द्वारा की गई थी जब वह मुख्यमंत्री थे, इस नेक इरादे के साथ कि किसान हर समय केवल उत्पादक न बने रहें और बिचौलियों की भागीदारी के बिना अपनी उपज खुद बेचें ताकि उन्हें (किसानों को) उनकी उपज का अच्छा दाम मिले। उन्होंने कहा,“उझावर संथाइयों को सत्तारूढ़ द्रमुक द्वारा पुनर्जीवित किया गया और दस नए उझावर संथाइयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों को डेढ़ करोड़ से अधिक मुफ्त बिजली कनेक्शन देकर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) का गठन किया गया है और ऐसे संगठनों को पूंजी सहायता और क्रेडिट गारंटी दी गई है।
द्रमुक प्रमुख ने कहा कि सरकार द्वारा 140 एफपीओ को 12.45 करोड़ रुपये की धनराशि वित्तीय सहायता के रूप में दी गई। उन्होंने कहा कि निगम के स्टोरों में उनके उत्पाद बेचने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा,“हम कृषि निर्यात बढ़ाने की योजना बना रहे हैं और इसके लिए डिजिटलीकरण की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे किसानों के जीवन में सुधार होगा।”
स्टालिन ने कहा,“लोगों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद उपलब्ध होने चाहिए और निर्यात बढ़ना चाहिए। कृषि में आधुनिक तकनीकों को पेश किया जाना चाहिए। राज्य में पिछले दो वर्षों से अच्छी बारिश हो रही है। पानी की कोई समस्या नहीं है और कृषि श्रमिक उपलब्ध हैं तथा किसानों को इनका सदुपयोग करना चाहिए।” उन्होंने कहा,“हमारे कृषि प्रयासों को जलवायु परिवर्तन और भोजन की बढ़ती मांग दोनों के अनुरूप होना चाहिए। सटीक खेती के तरीकों को अपनाना, स्मार्ट फोन का उपयोग करके फसल सिंचाई की निगरानी करना और ड्रोन का प्रयोग करना सभी अब उपयोग में हैं।”

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