10.59 करोड़ का नुकसान
शिमला : हिमाचल प्रदेश में मानसून की बरसात ने खूब कहर बरपाया है। मानसून ने 24 जून से अब तक 72 लोगों को मौत की नींद सुला दिया है जबकि आठ लोग लापता लापता हैं। बारिश जनित घटनाओं में 10.59 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। बहत्तर घर बरसात में बह चुके हैं जबकि 163 घरों को नुकसान पहुंचा है। करीब 366 पशु धन की मौत हुई है। बारिश से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। कई जिलों में जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल्य ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बारिश से भारी तबाही हुई है। जगह-जगह नदी-नाले उफान पर हैं, और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी है।
कुल्लू की लगघाटी के फलाण में बादल फट गया है। बादल फटने से 100 बीघा जमीन बह गई है। इसी पंचायत के एक अन्य नाले में बाढ़ के बाद भूस्खलन के खतरे को देखते हुए 12 घरों को खाली करवा दिया गया है। शिमला जिले की ठियोग तहसील के पलवी गांव में सोमवार सुबह 11 बजे एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान दीप बहादुर, देवदासी और मोहन बहादुर के तौर पर हुई है। बिलासपुर जिले में श्री नयना देवी जी के मलेटा गांव में शादी समारोह से लौट रहा बुजुर्ग व्यक्ति नाले में बह गया।
बुजुर्ग का शव करीब दो किलोमीटर दूर कालाकुंड नामक जगह पर गोबिंद सागर झील में मिला है। मृतक की पहचान रामलाल (70) निवासी गांव मलेटा तहसील श्री नयना देवी जी जिला बिलासपुर के रूप में हुई है। सिरमौर जिले के धौलाकुआं में देखते ही देखते बरसाती नाला पार करते हुए एक युवक बह गया। मनाली में तीन वोल्वो बसों के बहने की सूचना है। चार लोग बहने से लापता हैं। तीन लोग मनाली से बह गए हैं। एक गाड़ी सहित बहा है। डीसी कुल्लू आशुतोष गर्ग ने बताया कि श्रीखंड यात्रा स्थगित कर दी गई है। फंसे यात्री वापस लाए जाएंगे।
राज्य में छह राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 828 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। राज्य में 4686 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हैं। ऊना-हमीरपुर मुख्य सड़क मार्ग लठियाणी से बड़सर के बीच तीखे मोड़ पर पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण अवरुद्ध हो गया है। कुल्लू में दो दिन का लोकल हॉलीडे घोषित किया गया है। डीसी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में बैली ब्रिज को भारी नुकसान हुआ है। आवाजाही बंद कर दी गई है। सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र परवाणू में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सेक्टर 4 में कई गाड़ियां पानी के तेज बहाव में बह गई हैं। लोग दहशत में हैं।
चंडीगढ़ मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग गंभरोला के पास भूस्खलन होने से बंद हो गया है, जिससे राजमार्ग पर लंबा जाम लग गया है। लोक निर्माण विभाग के कर्मी मलबा हटाने के काम में जुटे हुए हैं। वहीं भूस्खलन से किरतपुर नेरचोक फोरलेन सहित 35 संपर्क मार्ग बंद हैं। जल शक्ति विभाग की 87 पेयजल योजनाएं मलबा भरने ठप पड़ी है। विभाग को करीब 12 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
शक्तिपीठ को जाने वाले मार्ग भूस्खलन से बंद हो गए हैं। वही श्री नयना देवी जी नगर में बिजली आपूर्ति ठप है। जिला ऊना के उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में रविवार देर रात तथा सोमवार सुबह को लगातार हो रही बारिश से यातायात प्रभावित है। वहीं कुछ स्थानों पर रिहायशी मकान तथा गोशालाएं गिर गई हैं।
बारिश से ब्यास नदी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। नदी के तटीय इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। ब्यास किनारे कई घर व होटल बह गए हैं। वहीं पार्वती व तीर्थन नदी व अन्य नदी नालों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नदी किनारे बसें गांवों व घरों में पानी घुस गया है। कुल्लू जिले में दो दिनों से ब्लैकआउट है। सड़कें व पेयजल आपूर्ति बंद होने से लोग और सैलानी परेशान हैं। मनाली के किसान भवन में फंसे सभी 29 लोगों को सोमवार सुबह रेस्क्यू कर सुरिक्षत निकाल लिया गया है। इसमें कई सैलानी भी मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बारिश से हुई तबाही को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है। वह रात भर मंडी, कुल्लू, सोलन जिलों में हो रही तबाही की जानकारी लेते रहे। फंसे हुए लोगों को सकुशल निकालने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं। किन्नौर जिले की भावा खड्ड में रविवार रात बाढ़ आने से तीन मकान बह गए हैं। जबकि दो मकानों को आंशिक रूप से नुकसान हुआ है। एक टिप्पर, एक पिकअप और एक कार बाढ़ मे बह गई है। कई सेब के बागीचों को भी नुकसान पहुंचा है। वहीं भावा खड्ड पर बने पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आने से बह गए हैं। जबकि कई मकान खतरे की जद में हैं। ऊना आने वाली सभी ट्रेंनें आज भी रद्द रहेंगी। बारिश की वजह से रेल सेवा पर सबसे बुरा असर पड़ा है। वंदे भारत, जनशताब्दी, हिमाचल एक्सप्रेस सहित पेसेंजर ट्रेने भी नहीं चलेंगी। ऊना, अंब, अंदौरा व दौलतपुर चौक रेलवे स्टेशन भी खाली पड़ हैं। ऊना में कुल नौ ट्रेने अवगमन करतीं हैं।
लाहौल-स्पीति में बारिश ने तबाही मचा दी है। मनाली-लेह मार्ग के बीच आने वाले तेलिंग व पागलनाला में बाढ़ आने से सड़क मार्ग बंद है। यहां एचआरटीसी की चार बसों के साथ कुछ छोटे वाहन भी फंसे हैं। बसों में सवार करीब 50 लोग तीन दिनों से भूखे प्यासे हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय प्रशासन ने कोई भी मदद नहीं की है।
सिरमौर जिले के पांवटा साहिब के भगानी मेहरूवाला स्थित टापू में तीन परिवार के 32 लोग फंस गए। सूचना मिलते ही एसडीएम रेस्क्यू टीम के साथ पहुंचे। टीम ने सभी फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाल लिया। रेस्क्यू किए लोगों में महिलाएं, छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
