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यूपी : 17 नगर निगम बनेंगे सेफ सिटी

लखनऊ : योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि राज्य के सभी 17 नगर निगम और गौतमबुद्धनगर को सेफ सिटी परियोजना से जाेड़ा जायेगा। योगी ने आज शाम यहां गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में क्रियान्वित सेफ सिटी परियोजना के विस्तार की कार्ययोजना का भी अवलोकन किया और नगर निगम मुख्यालय वाले सभी शहरों तथा गौतमबुद्ध नगर जिला मुख्यालय को सेफ सिटी के रूप में अपडेट करने के संबंध में निर्देश दिए।
उन्होने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के हर एक नागरिक की सुरक्षा और उनके विकास के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है। इस दिशा में पिछले छह वर्ष में किए गए प्रयासों के आशातीत परिणाम मिले हैं। आज प्रदेश में हर महिला, हर व्यापारी सुरक्षित है। लोगों में अपनी सुरक्षा के प्रति एक विश्वास है। यह विश्वास सतत बना रहे, इसके लिए हमें 24×7 अलर्ट मोड में रहना होगा।
योगी ने कहा कि महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन सुनिश्चित करने के संकल्प की पूर्ति में ‘सेफ सिटी परियोजना’ अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। इस परियोजना के माध्यम से लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत मॉडर्न कंट्रोल रूम, पिंक पुलिस बूथ, आशा ज्योति केंद्र, सीसीटीवी कैमरे, महिला थानों में परामर्शदाताओं के लिए हेल्प डेस्क, बसों में पैनिक बटन व अन्य सुरक्षा उपायों को लागू करने में सहायता मिली है। अब हमें इसे और विस्तार देना होगा।
उन्होने कहा कि अंतर्विभागीय समन्वय के साथ कन्वर्जेंस के माध्यम से वित्तीय प्रबंधन करते हुए प्रथम चरण में सभी 17 नगर निगमों और गौतमबुद्ध नगर को ‘सेफ सिटी’ के रूप में विकसित किया जाए। दूसरे चरण में 57 जिला मुख्यालयों की नगर पालिकाओं और फिर तीसरे चरण में 143 नगर पालिकाओं को सेफ सिटी परियोजना से जोड़ा जाए। ऐसे सभी नगरों के प्रवेश द्वार पर ‘सेफ सिटी’ का बोर्ड लगा कर इसकी विशिष्ट ब्रांडिंग भी की जानी चाहिए। इस प्रकार उत्तर प्रदेश सर्वाधिक सेफ सिटी वाला देश पहला राज्य हो सकेगा।
योगी ने कहा कि ‘सेफ सिटी परियोजना’ अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमें आगामी तीन माह की अवधि में प्रथम चरण का कार्य पूरा करना होगा। सम्बंधित विभाग को दी गई जिम्मेदारी तय समय सीमा के भीतर पूरी हो जानी चाहिए। इसके प्रगति की पाक्षिक समीक्षा मुख्य सचिव द्वारा की जाए। वर्तमान में सेफ सिटी परियोजना महिलाओं की सुरक्षा पर केंद्रित है। हमें इसे विस्तार देते हुए बुजुर्गों, बच्चों और दिव्यांग जनों की सुरक्षा से भी जोड़ना चाहिए। सेफ सिटी के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों व दिव्यांग जनों के लिए एक सुरक्षित, संरक्षित एवं सशक्त वातावरण बनाने की मुहिम को आवश्यक तेजी मिलेगी।
उन्होने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना अंतर्गत स्थापित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से शहरों की सुरक्षा व्यवस्था स्मार्ट हुई है। व्यापारियों का सहयोग लेकर शहर में अधिकाधिक स्थानों पर सीसीटीवी बनाएं। प्रदेश के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। इसके संबंध में एक स्टैंडर्ड आपरेटिंग ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार करें। यह कार्य तत्काल शीर्ष प्राथमिकता के साथ कराया जाए। थानों में जहां जनसुनवाई होती हो, वहां कैमरे जरूर लगें।सभी कैमरों अच्छी गुणवत्ता के होने चाहिए।

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