भोपाल : मध्यप्रदेश के कथित पटवारी भर्ती घोटाले के विरोध में आज यहां भोपाल शहर कांग्रेस की ओर से आयोजित प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वॉटरकैनन और लाठीचार्ज किया, जिसमें शहर कांग्रेस अध्यक्ष मोनू सक्सेना और कुछ अन्य कार्यकर्ता घायल हो गए। सक्सेना अपने साथियों के साथ पटवारी भर्ती घोटाले के विरोध में प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शन के मद्देनजर पूर्व से ही बेरिकेडिंग कर पुलिस जवान तैनात किए थे।
कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़ रहे थे, तभी एक निश्चित दायरे के बाद पुलिस ने उन सबको रोक दिया। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता जबर्दस्ती आगे बढ़ना चाह रहे थे। तभी पुलिस ने वॉटरकैनन और लाठीचार्ज का उपयोग कर कार्यकर्ताओं को तितरबितर कर दिया। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष के के मिश्रा ने कहा कि पुलिस के लाठीचार्ज में शहर कांग्रेस अध्यक्ष माेनू सक्सेना और एक महिला कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। ये दोनों अस्पताल में भर्ती हैं।
मिश्रा ने कहा कि कुछ और कार्यकर्ताओं को भी चोट पहुंची है। उन्होंने कहा कि आज ही सक्सेना ने शहर कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार गृहण किया था और इसके बाद वे प्रदर्शन में शामिल हुए। मिश्रा ने पुलिस लाठीचार्ज की निंदा की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि भोपाल में आंदोलन के दौरान मोनू सक्सेना और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ शिवराज सरकार ने जिस तरह से बर्बरता का व्यवहार किया है, वे उसकी कड़ी निंदा करते हैं।
सक्सेना का अस्पताल में इलाज चल रहा है और वे उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राज्य की जनता ने भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करने का मन बना लिया है और कांग्रेस कार्यकर्ता ऐसे अत्याचारों से डरने वाला नहीं है, बल्कि दोगुने उत्साह से कुशासन को उखाड़ने की लड़ाई लड़ता रहेगा।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने इस मामले में ट्वीट के जरिए कहा कि पटवारी भर्ती घोटाले के विरोध में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने जा रहे कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और वॉटरकैनन का उपयोग करने में मोनू सक्सेना और अन्य साथी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यादव ने प्रशासन की ओर से की गयी इस बर्बरतापूर्ण कार्रवाई का विरोध किया और घायल साथियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी इस मामले में राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है।
