श्रीगंगानगर : राजस्थान के श्रीगंगानगर में अदालत ने एक युवक को 12 वर्षीय किशोरी से उसके घर में घुसकर दुष्कर्म करने के आरोप में आज 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई। विशिष्ट लोक अभियोजक गुरचरणसिंह रुपाणा एडवोकेट ने प्रकरण के तथ्यों की जानकारी देते बताया कि चूनावढ़ थाना में 9 मार्च 2020 की रात को एक विधवा युवती द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर उसी के मौहल्ले के एक युवक जसकरणसिंह उर्फ सोनू मजहबी सिख के विरुद्ध उसकी 12 वर्षीय पुत्री से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोप में पोक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज होने पर गहनता जांच शुरू की। जांच में पाया गया की घटना वाले दिन बालिका अपने घर के कमरे में पढ़ रही थी। तभी जसकरणसिंह आ गया और डरा धमकाकर उससे अश्लील हरकतें करने लगा। पुलिस ने अनुसंधान करने के बाद आरोपी युवक के खिलाफ धारा 450, 376(2) (आई) और पोक्सो एक्ट की धारा 3/4 के तहत अदालत में चालान पेश किया।
विशिष्ट लोक अभियोजक गुरचरणसिंह एडवोकेट ने बताया कि अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 12 गवाह और 25 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इनके आधार पर पोक्सो एक्ट मामलों की विशेष अदालत (संख्या-01) के न्यायाधीश सुरेंद्र खरे ने आज आरोपी जसकरणसिंह को 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा और 20 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया।
दुष्कर्म : युवक को 20 वर्ष की सजा
