हैदराबाद : केंद्रीय मंत्री एवं तेलंगाना प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मनोनीत अध्यक्ष जी किशन रेड्डी के नेतृत्व में पूर्व सांसदों और विधायकों वाले 60 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के दो-बीएचके आवास परियोजना का निरीक्षण के लिये जाने से पहले गुरुवार को प्रदेश भाजपा के कई नेताओं और विधायकों को विभिन्न स्थानों पर नजरबंद कर दिया गया अथवा ऐहतियातन हिरासत में ले लिया गया।
बीआरएस सरकार की गरीबों के लिए 2बीएचके आवास योजना की साइट का निरीक्षण करने के लिए शमशाबाद हवाई अड्डे से बतासिंगाराम जाते समय पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद श्री रेड्डी और विधायक रघुनंदन राव सहित अन्य नेताओं के साथ बाहरी रिंग रोड (ओआरआर) पर धरने पर बैठ गए। इसी दौरान पुलिस से बहस के बाद केंद्रीय मंत्री को बाद में जबरन कार में बैठा लिया गया और डीसीपी रैंक की पुलिस गाड़ी चलाकर अज्ञात स्थान पर ले गयी।
अन्य नेताओं को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया। नजरबंद रखे गये नेताओं में पार्टी विधायक एटाला राजेंदर और पूर्व एमएलसी रामचंद्र राव भी शामिल हैं। इससे पहले श्री रेड्डी ने ट्वीट किया , “बतासिंगाराम गांव में आवास निर्माण स्थल के दौरे से पहले प्रदेश भाजपा नेताओं की नजरबंदी बेहद निंदनीय है। यह एक बार फिर बीआरएस के तहत अत्याचारी शासन को उजागर करता है।”
उन्होंने कहा कि ‘हत्याचार और विपक्षी आवाजों को दबाना केसीआर सरकार की पहचान बन गयी है। बाद में रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा कि हालांकि केंद्र सरकार ने आवास योजना के लिए धन मुहैया कराया, लेकिन बीआरएस के नेतृत्व वाली तेलंगाना सरकार गरीबों के लिए घर बनाने में विफल रही है , जबकि आंध्र प्रदेश सरकार ने गरीबों के लिए 20 लाख घर बनाये थे। उन्होंने आरोप लगाया कि नौ साल के कार्यकाल के दौरान बीआरएस सरकार ने छह लाख से अधिक घरों के मुकाबले बहुत कम (हजारों में) घरों का निर्माण किया था और कुछ निर्मित घरों को आज तक लाभार्थी परिवारों को नहीं सौंपा गया है।
