नई दिल्ली : वाहन बनाने वाली देश की प्रमुख कंपनी टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ ने आज कहा कि ऑटोनॉमस, कनेक्टेड, इलेक्ट्रिक और शेयर्ड मोबिलिटी (एसीईएस) ने व्यावसायिक वाहनों के लिए भी महत्व हासिल कर लिया है और वाहन विशेषज्ञ एसीईएस को ध्यान में रखते हुए अपनी उत्पाद रणनीतियां तैयार कर रहे हैं।
सीआईआई इंडियन कमर्शियल व्हीकल कॉन्क्लेव का दूसरा संस्करण आज गुरुग्राम में आयोजित किया गया जहां प्रमुख व्यवसायी वाहन (सीवी) क्षेत्र को आकार देने वाले परिवर्तनकारी रुझानों पर विचार विमर्श किया गया। श्री वाध ने कहा कि एसीईएस क्लाइमेट चेंज और डिजिटलाइजेशन भारतीय कमर्शियल वाहन क्षेत्र में एक बड़ा रूझान है। यात्री वाहन की तरह ही एसीईएस वाणिज्यिक वाहनों के लिए भी महत्व हासिल कर लिया है।
सीआईआई उत्तरी क्षेत्र के अध्यक्ष और ल्यूमैक्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध दीपक जैन ने कहा कि मेक इन इंडिया, एनईएमएमपी, बीएस-6 उत्सर्जन मानदंड और वाहन स्क्रैपेज पाॅलिसी सहित भारत सरकार द्वारा की गई पहल ने सामूहिक रूप से देश में व्यावसायिक वाहनों के विनिर्माण, बिक्री और उपयोग को प्रोत्साहित किया है।
आनंद ग्रुप की कार्यकारी अध्यक्ष एवं सीआईआई हरियाणा की अध्यक्ष अंजलि सिंह ने कहा कि यह क्षेत्र विश्व स्तर पर बड़े पैमाने पर परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है और भारत इसका अपवाद नहीं है। परिवर्तन पूरे उद्योग में व्यापक है और इसका अधिकांश हिस्सा इंडस्ट्री 4.0 और संपूर्ण वैल्यू चेंज के निरंतर डिजिटलाइजेशन द्वारा संचालित किया जा रहा है।
एसआईएएम के अध्यक्ष एवं वी ई कमर्शियल व्हीकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ विनोद अग्रवाल ने भारतीय कमर्शियल वाहन क्षेत्र द्वारा इंटरनेशनल सस्टेेेनेबिल्टी स्टेंटर्ड को तेजी से अपनाने की सराहना की। इसमें वैकल्पिक ईंधन का उपयोग, सुरक्षा मानकों पर अधिक ध्यान और ड्राइवर की सुविधा और वाहन कनेक्टिविटी के संदर्भ में आधुनिकीकरण शामिल है। वाल्वोलिन कमिंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संदीप कालिया ने सुझाव दिया कि भारी-भरकम लंबी दूरी के वाहनों के लिए बैटरी की तुलना में हाइड्रोजन एक बेहतर विकल्प है।
