मुंबई : देश की दूसरी बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी इंफोसिस के राजस्व अनुमान में कटौती से उसके शेयर समेत 21 कंपनियों में आठ प्रतिशत से अधिक तक की गिरावट के दबाव में आज सेंसेक्स 1.31 प्रतिशत लुढ़ककर 67 हजार अंक के शिखर से नीचे गिर गया। बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 887.64 अंक का गोता लगाकर 67 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 66,684.26 अंक पर आ गया। इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 234.15 अंक लुढ़ककर 19,745.00 अंक पर रहा।
बीएसई की दिग्गज कंपनियों की तरह मझौली कंपनियों में बिकवाली हुई लेकिन छोटी कंपनियों के शेयरों में तेजी रही। इससे बीएसई का मिडकैप 0.26 प्रतिशत टूटकर 29,547.28 अंक पर आ गया। वहीं, स्मॉलकैप 0.13 प्रतिशत चढ़कर 34,146.66 अंक पर पहुंच गया। इस दौरान बीएसई में कुल 3514 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें से 1772 में गिरावट जबकि 1615 में तेजी रही वहीं 127 में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसी तरह निफ्टी की 36 कंपनियों में बिकवाली जबकि शेष 14 में लिवाली हुई वहीं एक के भाव स्थिर रहे।
विश्लेषकों के अनुसार, इंफोसिस ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जारी परिणाम में वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अपने राजस्व अनुमान में को 4-7 फीसदी से घटाकर 1-3.5 फीसदी कर दिया है। इन नतीजों से साफ है कि वैश्विक आर्थिक मंदी का इंफोसिस के नतीजों पर असर पड़ा है। इससे बीएसई के 14 समूह लुढ़क गए, जिसमे सबसे अधिक 4.40 प्रतिशत का नुकसान आईटी समूह के शेयरों को हुआ। इसके अलावा टेक 3.91, कमोडिटीज 0.69, ऊर्जा 0.65, एफएमसीजी 0.89, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.09 और धातु समूह के शेयर 0.77 प्रतिशत गिर गए।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलजुला रुख रहा। इस दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई 0.03 और हांगकांग का हैंगसेंग 0.78 प्रतिशत चढ़ गया जबकि जर्मनी का डैक्स 0.42, जापान का निक्केई 0.57 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.06 प्रतिशत उतर गया।
शेयर बाजार में गिरावट
