168 लोगों की मौत
शिमला : हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से मानसून में अब तक 5,361.16 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है तथा 168 लोगों की जान गई है। राज्य के आठ जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी है। जगह-जगह भूस्खलन के चलते तीन राष्ट्रीय राजमार्ग सहित सैकड़ों वाहनों की आवाजाही ठप्प है। अगले 24 घंटे के दौरान चंबा, कांगड़ा, शिमला, कुल्लू, मंडी, बिलासपुर, सोलन व सिरमौर जिले में भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कुछेक स्थानों पर बादल फटने जैसी घटनाएं भी हो सकती है। इसे देखते हुए जनता को सावधानी बरतने, लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों व उफनते नदी-नालों के आस-पास न जाने की एडवाइजरी दी है। प्रदेश में 29 जुलाई से मानसून की बारिश में कुछ कमी देखने को मिल सकती है।
हिमाचल में भारी बारिश से मानसून में 24 जून से 26 जुलाई तक 5,361.16 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। 168 लोगों की जान गई है। बाढ़ से 653 मकान ढह गए, 6,711 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं जबकि 5491 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है। 236 दुकानें 1668 गौशालाएं और 101 लेबर शेड व पुल ध्वस्त हुए हैं। हजारों लोग बेघर हुए हैं। इस दौरान भूस्खलन की 68 और अचानक बाढ़ की 51 घटनाएं सामने आई हैं।
वहीं, कई जलापूर्ति योजनाएं व बिजली ट्रांसफार्मर भी बाधित हैं। भारी बारिश से हुए भूस्खलन के पिछले 24 घंटों में बादल फटने से लुहारी-ऑट के बीच पुराने हिंदुस्तान-तिब्बत राष्ट्रीय राजमार्ग-5 और एनएच-305 बाधित हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि एनएच-5 झखड़ी के बरौनी और मंगलाद में अवरुद्ध है और एनएच-305 लुहरी औट भी तीन स्थानों पर अवरुद्ध है.
खनेरी में पहाड़ी दरकने से बड़ी मात्रा में मलबा हाईवे पर आ गया। झाकड़ी के ब्रोनी नाले में भी वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गई। इससे हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इससे वाहनों का आवागमन प्रभावित हुआ और किन्नौर जिले तथा कुल्लू के आनी और मंडी जिले की सराज घाटी के कई इलाकों से सड़क संपर्क टूट गया। प्रशासन ने कहा कि अन्य सभी वैकल्पिक मार्ग भी पहले से ही अवरुद्ध हैं। प्राकृतिक आपदाएँ प्रभावित लोगों की रातों की नींद उड़ा रही हैं और मूसलाधार बारिश और बादल फटने से भी लोगों में दहशत का माहौल है।
उधर, प्रदेश की राजधानी शिमला के विकासनगर में देवदार का पेड़ गिरने से गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। पेड़ गिरने से कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही भी बंद रही। शिमला-जुन्गा-साधुपुल सड़क पर भी भूस्खलन हुआ है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से प्रदेश के कई भागों में आज भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आगामी 28 व 29 जुलाई के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी हुआ है। प्रदेश में दो अगस्त तक मौसम खराब बना रहने की संभावना है। मनाली-कुल्लू नेशनल हाईवे पर 17 मील के समीप नदी का रुख मोड़ने उतरा जेसीबी चालक तेज बहाव के चलते फंस गया। इसके बाद प्रशासन ने बचाव टीम भेजकर चालक को सुरक्षित निकाला।
हिमाचल के गुलेर में 74.2, सलूणी 62.2, सराहन 54.0, चुवाड़ी 41.0, सुंदरनगर 37.6, जोगिंद्रनगर 31.0, खेरी चंबा 29.6, धर्मशाला 25.2, रोहड़ू 25.0, नगरोटा सूरियां 24.8, डलहौजी 21.0, भरमौर 16.0, रामपुर बुशहर 12.0 और मनाली में 10.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है।
शिमला में न्यूनतम तापमान 16.4, सुंदरनगर 22.7, भुंतर 20.9, कल्पा 14.2, धर्मशाला 20.2, ऊना 24.0, नाहन 23.1, केलांग 13.6, पालमपुर 19.5, सोलन 20.2, मनाली 17.0, कांगड़ा 23.1, मंडी 22.0, बिलासपुर 24.4, चंबा 22.7, डलहौजी 15.0, जुब्बड़हट्टी 19.9, कुफरी 15.0, कुकुमसेरी 14.3, नारकंडा 13.5, भरमौर 14.0, पांवटा साहिब 26.0 और देहरागोपीपुर में 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
