भीलवाड़ा : राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कोटड़ी में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्या के मामले को लेकर जहां पीड़ित परिवार के साथ लोगों का धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा वहीं राज्य सरकार भी इस मामले को गंभीरता से लिया है और इसे केस ऑफिसर स्कीम के तहत लेकर न्यूनतम समय में चालान पेश कर एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट से इन आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलवाये जाने की बात कही गई है।
इस मामले पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि सरकार इसके प्रति गंभीर है और कोटडी में बालिका के साथ दुष्कर्म एवं हत्या की जघन्य घटना में पुलिस ने अभी तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार को इस मामले को लेकर मुख्य सचिव , पुलिस महानिदेशक एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।
श्री गहलोत ने कहा कि इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम के तहत लेकर न्यूनतम समय में चालान पेश कर एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट से इन आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) को भीलवाड़ा जाकर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान ऐसा राज्य है जहां कोई भी घटना घटित होने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है एवं मुल्जिमों को पकड़ने का भी रिकॉर्ड बनाया गया है। आगे भी पुलिस निष्पक्ष रहकर कार्रवाई जारी रखेगी।
इसके बाद पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने इस मामले में न्यूनतम अवधि में चालान पेश कर अपराधियों को यथाशीघ्र एवं सख्त सजा दिलाने के हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) दिनेश एमएन को भीलवाड़ा भेजा गया हैं। त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए एफएसएल विशेषज्ञों की टीम भी भिजवाई गई है। मिश्रा ने बताया कि न्यूनतम अवधि में चालान पेश करने के साथ ही इस प्रकरण को केस ऑफिसर स्कीम में लिया जाएगा। साथ ही उच्च न्यायालय से इस प्रकरण को फ़ास्ट ट्रेक कोर्ट में लेने के लिए भी अनुरोध किया जाएगा।
इस मामले को लेकर कोटड़ी थाने के बाहर गुर्जर समाज के साथ ही सर्व समाज के लोगों का धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा वहीं कोटड़ी कस्बा बंद रहा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेशाध्यक्ष सी पी जोशी भी धरने में शामिल हुए और पुलिस पर पीड़िता के परिजनों का सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया और कहा कि जब तक पीड़ित परिवार की मांगे पूरी नहीं होती और अपराधियों को फांसी नहीं हो जाती, वह इस परिवार के साथ खड़े हैं। जोशी ने आरोप लगाया कि इस मामले में सिर्फ थानेदार ही दोषी नहीं, बल्कि ऊपर तक के लोग दोषी हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिये और आरोपितों को सख्त से सख्त सजा और साथ ही दोषियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिये। प्रदर्शन कर रहे लोग इस मामले में पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा, परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी, आरोपियों को फांसी की सजा, पुलिस अधीक्षक एवं उपाधीक्षक को निलंबित करने की मांग की जा रही है। इस मामले में थानाधिकारी एवं डीओ को निलंबित किया जा चुका है जबकि दो पुलिसकर्मियों को लाईन हाजिर कर किया गया है।
