बांदा : उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के भूरागढ़ घाट में शनिवार शाम केन नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 85 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। केन नदी में आई बाढ़ से चंदावल नदी और नाले उफना गए हैं और कई गांव का आवागमन बाधित होता जा रहा है। बाढ़ का पानी खेतों और गांव की ओर बढ़ने से लोग चिंतित है। केंद्रीय जल आयोग के अभियंता भरत कुमार चौरसिया ने बताया कि भूरागढ़ घाट में केन नदी आज शाम छह बजे खतरे के निशान से 85 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और उसका जल स्तर 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से निरंतर बढ़ रहा है।
परगना मजिस्ट्रेट पैलानी शशि भूषण मिश्र ने बताया कि केन नदी की बाढ़ से सिंधन कला और पड़ोहरा गांव में आवागमन के लिए बने रपटे जलमग्न हो गए हैं और सिन्धन कला, पड़ोहरा व अमारा गावों के संपर्क मार्ग में पानी आ जाने से इन तीन गांवों का सड़क संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल बाढ़ से चंद्रावल नदी भी बढ़ गई है और नाले भी उफान में हैं।
लेकिन अब तक किसी गांव में पानी पहुंचने की सूचना नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों की बाढ़ चौकियों को सतर्क कर लगातार चौकसी रखी जा रही है। हर स्थिति से निपटने की तैयारी की जा चुकी है और जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ के प्रति सचेत किया गया है।
