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वैश्विक रुख से तय होगी बाजार की चाल

मुंबई : अमेरिका की साख रेटिंग घटने से वैश्विक बाजार के नकारात्मक रुझान के दबाव में स्थानीय स्तर पर हुई बिकवाली से बीते सप्ताह आधे प्रतिशत से अधिक की गिरावट में रहे घरेलू शेयर बाजार की चाल अगले सप्ताह वैश्विक रुख और कंपनियों के तिमाही नतीजे से तय होगी। बीते सप्ताह बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 438.95 अंक अर्थात् 0.67 प्रतिशत का गोता लगाकर सप्ताहांत पर 65721.25 अंक और नेशनल स्टॉक एक्स चेंज (एनएसई) का निफ़्टी 119.2 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की गिरावट लेकर 19517 अंक पर आ गया।
वहीं, समीक्षाधीन सप्ताह में बीएसई की दिग्गज कंपनियों के विपरीत छोटी कंपनियों में लिवाली हुई वहीं मझौली कंपनियों के शेयरों के भाव सपाट रहे। स्मॉलकैप 521.79 अंक की तेज़ी लेकर सप्ताहांत पर 35070.65 अंक पर पहुंच गया जबकि मिडकैप 30162.66 अंक पर सपाट रहा।
विश्लेषकों के अनुसार, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी फिच के ‘स्थिर’ आउटलुक के साथ अमेरिकी साख रेटिंग को ‘एएए’ से घटाकर ‘एए+’ कर दिये जाने के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बनी चिंता से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में आई गिरावट से घरेलू बाजार पर दबाव बना। इसके बाद अमेरिकी फ़ेड रिज़र्व के ब्याज दर में एक बार फिर चौथाई प्रतिशत की बढ़ोतरी करने से बिहार रिटर्न पाने उम्मीदें में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने स्थानीय स्तर पर जमकर बिकवाली से शेयर बाजार पूरे सप्ताह दबाव में रहा।

इन वैश्विक कारकों का प्रभाव अगले सप्ताह भी बाजार पर रह सकता है। बीते सप्ताह एफआईआई ने बाजार से कुल 2,844.47 करोड़ रुपये निकाल लिए। अगले सप्ताह कोल इंडिया, हिंडाल्को, इरकॉन, ओ आई एल और बायोकॉन समेत कई दिग्गज कंपनियों के चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के परिणाम जारी होने वाले हैं। अगले सप्ताह बाजर को दिशा देने में इन कारकों की अहम भूमिका रहेगी।

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