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सिंघार का बयान उनके मन की पीड़ा

भाेपाल : उमंग सिंघार की ओर से प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए जाने का बयान सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और लाेकसभा सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि ये उनके मन की पीड़ा है। शर्मा ने अपने बयान में कहा कि ये सिंघार के मन की पीड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आजादी के 75 वर्षों में पहली बार भारत के सर्वोच्च पद राष्ट्रपति पद पर अनुसूचित जाति जनजाति की आदिवासी बहन काबिज हुई हैं। भाजपा ने आदिवासी समाज को इतना बड़ा सम्मान दिया है।
उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासियों से झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी आदिवासियों को सिर्फ वोट बैंक मानती है और यही सिंघार के मन की पीड़ा है। दरअसल सिंघार ने प्रदेश के आदिवासीबहुल धार जिले में एक कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री किसी आदिवासी को बनाया जाना चाहिए। उसके बाद से उनका ये बयान सुर्खियों में आ गया है। बताया जा रहा है कि सिंघार का ये बयान पार्टी के आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया के संदर्भ में है, जिन्हें हाल ही में कांग्रेस की प्रदेश चुनाव अभियान समिति का प्रमुख बनाया गया है।

सिंघार प्रदेश की पूर्व उपमुख्यमंत्री जमुना देवी के भतीजे हैं। वे धार जिले की गंधवानी सीट से तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। वे कमलनाथ सरकार में मंत्री थे। इसी दौरान उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर बेहद गंभीर आरोप लगाए थे। श्री सिंघार लगातार विवादों में भी बने रहते हैं।

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