हिसार : वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर हरियाणा की लगभग 20000 आशा वर्कर मंगलवार से तीन दिन की हड़ताल पर चली गईं। वहीं यहां हड़ताल शुरू करते हुये आशा वर्करों ने लघुसचिवालय में धरना शुरू कर दिया। आशावर्कर यूनियन पदाधिकारियों ने बताया कि अगर सरकार ने अगर तीन दिन में उनकी मांगें पूरी नहीं की तो हड़ताल बढ़ाई जा सकती है। इस दौरान कोई आशा वर्कर किसी भी तरह का काम नहीं करेगी। इससे पहले आशा वर्कर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के गेट चार पर एकत्रित हुईं और सड़क पर पैदल प्रदर्शन करते हुए लघुसचिवालय पहुंची।
जिला उप प्रधान कमलेश ने बताया कि जिन परिस्थितियों में आशा वर्कर कार्य कर रही हैं वे बेहद गम्भीर हैं। गत पांच साल से राज्य सरकार ने उनके मानदेय में कोई वृद्धि नहीं की है। गत 12 साल से केंद्र सरकार ने आशा वर्करों की प्रोत्साहन राशि में कोई वृद्धि नहीं की है। ऐसे में उनकी मांग है कि आशा वर्कर का वेतन 26 हजार रूपये किया जाए तथा कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
उन्होंने दावा किया कि स्वास्थ्य विभाग आशा वर्कर को जनहित का हवाला देकर बिना मानदेय दिए ऑनलाइन काम करने के लिए बाध्य कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की 20000 आशा वर्कर तीन दिन की हड़ताल पर जा रही हैं। मांगों का समाधान न होने पर हड़ताल आगे जारी रह सकती है। इसके लिए प्रदेश की सरकार और स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदार होंगे।
