यमुनानगर : मनोहर लाल खट्टर ने प्रदेश के लोगों को 15 अगस्त के अवसर पर एक तोहफा देते हुये आयुष्मान भारत योजना के तहत लाभार्थियों की आय सीमा 1.80 लाख रुपए से बढ़ा कर तीन लाख रुपए सालाना करने की शनिवार को घोषणा की। खट्टर यमुनानगर जिले के बकाना गांव में जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा की कि भविष्य में प्रदेश की हर पंचायत का हिसाब-किताब खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) को रखना होगा।
इससे पहले यह काम ग्राम सचिव देखता था। घोषणाओं को लेकर उन्होंने कहा कि इससे लगभग आठ लाख नए परिवारों के इस योजना में शामिल होने का अनुमान है। आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए एक माह के लिये पोर्टल खोला जाएगा। योजना में शामिल होने के लिये लाभार्थी परिवार को मात्र 1500 रुपए का वार्षिक प्रीमियम देना होगा। आयुष्मान भारत चिरायु हरियाणा योजना में पांच लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज लेने वाले परिवारों की संख्या लगभग 38 लाख होगी। अब तक राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना के तहत 500 करोड़ रुपए खर्च कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसवांद कार्यक्रम कई मायनों में लोगों को पसंद आ रहा है। यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए एक आशा की किरण लेकर आया है जो वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में नाम शामिल कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटकर परेशान हो गए थे। कार्यक्रम के दौरान एक विशेष काउंटर लगाया गया है जहां पर सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहते हैं और परिवार पहचान पत्र के डाटा से मिलान कर मौके पर ही वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना में नाम शामिल होने का प्रमाण पत्र बनाते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री अपने हाथों से इसे लाभार्थी को देते है। आज भी गांव के अनेक लोगों को ये प्रमाण वितरित किये गये। उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राईसाईकिल तथा कान की मशीनें भी वितरित कीं।
खट्टर ने कहा कि उनकी सरकार ने पंचायतों की कार्य प्रणाली को पारदर्शी बनाया है, इसलिए ग्राम सचिव के साथ-साथ बीडीपीओ के पास पंचायत का लेखा जोखा होना जरूरी है। अहम पहलु यह है कि उनके पास खुद प्रदेश की 6500 पंचायतों का लेखा जोखा हर समय रहता है।
उन्होंने इस अवसर पर गोव के लोगों को ग्राम सचिवालय, लाईब्रेरी, महात्मा गांधी बस्ती में टयूबवेल, बिजली की तारें ठीक करने ,बकाना से पलाका तक पांच किलोमीटर सड़क का निर्माण और मरम्मत करने के लिए 65 लाख रुपए खर्च करने की घोषणा की। इसके अलावा रादौर विधानसभा क्षेत्र की 25 करोड़ रुपए की लागत से सड़कों का निर्माण करने की घोषणा करते हुए कहा कि राज्य सरकार की तरफ से गांव बकाना को हर साल 60 लाख रुपए का बजट विकास कार्यों के लिए दिया जाएगा।
