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‘कठिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट’ का आनंद ले रहे हैं जायसवाल

लौडरहिल : अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट भले ही युवा प्रतिभावान बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल के लिये आसान न हो, लेकिन वह अपने करियर के शुरुआती दौर में खुलकर खेलने का आनंद ले रहे हैं। जायसवाल ने शनिवार को वेस्ट इंडीज के खिलाफ चौथे टी20 में नाबाद 84 रन की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। अपना दूसरा टी20 खेल रहे जायसवाल ने 51 गेंद की पारी में 11 चौके और तीन छक्के जड़े, जिसकी मदद से भारत ने 179 रन का लक्ष्य 17 ओवर में हासिल कर लिया।
जायसवाल ने मैन ऑफ द मैच पुरस्कार मिलने पर कहा, “ज़ाहिर है, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट आसान नहीं, लेकिन मैं खुश हूं कि मैं मैदान पर जाकर खुलकर खेल सकता हूं। मैं टीम प्रबंधन और हार्दिक (पांड्या) भाई का आभार व्यक्त करना चाहता हूं, उन्होंने मुझ पर भरोसा जताया है।” जायसवाल ने कहा, “इससे मेरे दिमाग पर काफी सकारात्मक असर पड़ता है। मैं टीम की ज़रूरत के हिसाब से खेलने की कोशिश करता हूं और योजना के अनुसार खुद को अभिव्यक्त करता हूं। मैं तेज़ी से रन बनाने की कोशिश करता हूं ताकि अपनी टीम को मज़बूत स्थिति में पहुंचा सकूं।”
चौथे टी20 में वेस्ट इंडीज 20 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 178 रन ही बना सकी, हालांकि जब जायसवाल और शुभमन गिल भारतीय पारी की शुरुआत करने उतरे तो बल्लेबाजी आसान लगने लगी। इस जोड़ी ने पावरप्ले में 66 रन जोड़े, जबकि 10 ओवर में 100 रन का आंकड़ा छू लिया।
गिल-जायसवाल ने पहले विकेट के लिये 165 रन जोड़कर भारत के लिये टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे बड़ी सलामी साझेदारी करने का रिकॉर्ड बनाया। गिल 47 गेंद पर तीन चौकों और पांच छक्कों के साथ 77 रन बनाकर आउट हो गये, जिसके बाद जायसवाल और तिलक वर्मा ने भारत को लक्ष्य तक पहुंचाने की औपचारिकताएं पूरी कीं।
जायसवाल ने कहा, “मेरी मंशा हमेशा रन बनाने की होती है। गिल के साथ साझेदारी शानदार थी। हम जिस तरह बात कर रहे थे, रन चुरा रहे थे और एक दूसरे के साथ बात कर रहे थे, वह बेहतरीन था। उसने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। जिस तरह से वह स्ट्राइक रोटेट कर रहा था, वह साझेदारी बुनने के लिये वाकई ज़रूरी है।”

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