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हिप्र में बारिश, भूस्खलन से 27 की मौत

अनेक मलबे में दबे, ‘ एट होम ’ कार्यक्रम रद्द

शिमला : हिमाचल प्रदेश में गत 24 घंटों में बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की फिर से हुई घटनाओं के कारण राज्य में 27 से अधिक लोगों की मौत हो गई है तथा करीब 40 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूत्रों के अनुसार राज्य में ऑरेंज अलर्ट की घोषणा तथा बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की ताजा घटनाओं में बड़े पैमाने पर जानमाल के नुकसान और सम्भावित त्रासदी को देखते हुये राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने 15 अगस्त को राजभवन में होने वाला एट होम कार्यक्रम स्थगित कर दिया है।

अब सिर्फ ध्वजारोहण ही होगा। राज्यपाल स्वयं भूस्खलन घटनास्थलों पर पहुंचे जहां 20-25 लोगों के फंसे होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि राजभवन में केवल ध्वजारोहण ही होगा। ‘एट-होम’ कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। राज्य के शिमला, सोलन, मंडी, कांगड़ा और चम्बा जिलों में भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने कहर बरपा दिया है। शिमला में भूस्खलन की दो और सोलन में बादल फटने की ताजा घटनाओं में कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई।

शिमला के समरहिल इलाके में भूस्खलन की चपेट में आने से एक शिव मंदिर ढह गया था और अनेक लोग मलबे में दब गये। सोमवार होने के चलते सोमवार के दिन मंदिरों में श्रद्धालुओं सामान्यत: काफी भीड़ रहती है। वहीं फागली क्षेत्र में भी भूस्खलन होने से वहां अनेक घर दलदली मलबे के चपेट में आ कर बह गये तथा अनेक लोगों के इसके नीचे दबने की आशंका है। समरहिल में तीन बच्चों और एक महिला समेत छह तथा फागली में अब तक पांच शव निकाले जा चुके हैं।

इनमें एक बच्चे का सिर धड़ से अलग पाया गया। दोनों जगहों पर जिला प्रशासन की टीमें, राष्ट्रीय आपदा राहत बल, सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य जारी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह ने भी समरहिल पहुंच कर स्वयं स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों तथा जिला उपायुक्तों से भी राज्य में ताजा प्राकृतिक आपदा के कारण उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की है।

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