चेन्नई : एम के स्टालिन ने नीट परीक्षा को लेकर राज्य में बढ़ रही आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को पत्र लिखकर तमिलनाडु के अंडर ग्रेजुएट मेडिकल डिग्री पाठ्यक्रमों में प्रवेश विधेयक को जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया है। स्टालिन ने आज राष्ट्रपति को लिखे एक अर्ध-आधिकारिक पत्र की प्रतियां मीडिया को जारी करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा पारित नीट छूट विधेयक विधायी सर्वसम्मति पारित किया गया है जो कि तमिलनाडु के लोगों की सामूहिक इच्छा को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि इसके कार्यान्वयन में देरी के हर दिन न केवल योग्य छात्रों के लिए मूल्यवान मेडिकल सीटें, बल्कि हमारे समाज के लिए अमूल्य मानव जीवन भी बर्बाद होता है। उन्होंने राष्ट्रपति से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने और तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित विधेयक पर जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हाल ही में चेन्नई के क्रोमपेट के एक छात्र और उसके पिता ने नीट में छात्र की विफलता के कारण आत्महत्या कर ली।
उन्होंने कहा कि राज्य में नीट के कारण अब तक 16 छात्र आत्महत्या कर चुके है। उन्होंने कहा कि इन त्रासदियों से निश्चित रूप से बचा जा सकता था यदि नीट से छूट के हमारे विधेयक को मंजूरी दे दी गई होती और प्लस 2 अंकों के आधार पर मेडिकल प्रवेश दिए गए होते।
