जालंधर : पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के परिचालन क्षेत्र जालंधर के सुपरवाइजिंग इंजीनियर गुलशन चुटानी ने शुक्रवार को कहा कि पीएसपीसीएल के बिजली उपभोक्ताओं को कटे हुए मीटर कनेक्शन को ओटीएस योजना के तहत बहाल करने के लिए कोई निधार्रित शुल्क नहीं देना होगा। चुटानी ने कहा कि जिन बिजली उपभोक्ताओं ने बिजली बिलों का भुगतान नहीं किया है या जिनका बिजली कनेक्शन वित्तीय बाधाओं के कारण काट दिया गया है, सभी बिजली उपभोक्ताओं को 25 अगस्त, 2023 को समाप्त हो रही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह योजना सभी वर्ग के उपभोक्ताओं, खासकर औद्योगिक उपभोक्ताओं, जिनका बिजली बिल भुगतान न होने या आर्थिक तंगी के कारण कनेक्शन कट गया है, को सुनहरा अवसर दे रही है।
उन्होंने कहा कि बिलों की बकाया राशि का देर से भुगतान करने पर 18 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाया जाता है और कनेक्शन काटने की तारीख से लेकर कनेक्शन की अवधि तक निश्चित शुल्क लगाया जाता है, लेकिन यदि कोई डिफ़ॉल्टर उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठाता है, अतः ओटीएस के तहत बकाया बिलों के भुगतान पर नौ प्रतिशत की
दर से ब्याज लिया जाएगा और यदि कनेक्शन काटने की अवधि कनेक्शन काटने की तिथि से छह माह या उससे कम है
तो कोई निश्चित शुल्क नहीं लिया जाएगा। कनेक्शन काटने की अवधि छह माह या उससे अधिक है तो निर्धारित शुल्क केवल छह माह के लिए ही लिया जाएगा।
श्री चुटानी ने बताया गया कि बकाया राशि की वसूली के लिए अंतिम निर्णय एक वर्ष की अवधि के अंदर अधिकतम चार किश्तों में देय होगा। यह योजना बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से पीएसपीसीएल की एक महत्वपूर्ण पहल है और उपभोक्ताओं को अपने हितों की रक्षा करते हुए शुरू की गई इस योजना का भरपूर लाभ उठाना चाहिए।
बिजली कनेक्शन बहाल करने में नहीं लगेगा शुल्क
