भुवनेश्वर : ओडिशा अपराध शाखा की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने रविवार को ठगी, धोखाधड़ी और प्रतिरूपण मामले में मास्टरमाइंड काहनू चरण प्रधान को गिरफ्तार किया। इससे पहले, एसटीएफ ने इस मामले में किशोर मिश्रा को गिरफ्तार किया था। एसटीएफ सूत्रों ने कहा कि किशोर मिश्रा और कुछ अन्य लोग प्रधान के नेतृत्व में यह काम कर रहे थे। वह टांगी, खारदा का निवासी है लेकिन फिलहाल भुवनेश्वर में रह रहा था। वह स्नातक है। ठगी,धोखाधड़ी करने से पहले वह शराब की दुकान चलाता था। यह मामला शुरू में कोरापुट टाउन थाना में दर्ज किया गया था लेकिन बाद में इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी गई।
कान्हू के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं और वह कम से कम चार अन्य मामलों में शामिल रहा है। कई लोगों ने उसका मोबाईल नंबर सचिव, अतिरिक्त सचिव के नाम से सेव किया हुआ था। उसके पास से महंगे मोबाइल फोन, फर्जी सरकारी अधिसूचनाएं, आदेश और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। प्रधान थाईलैंड चला गया था और हाल ही में ओडिशा लौटा था। यह भी संदेह है कि इस समूह ने कुछ समाचार पत्रों में नौकरी के कुछ फर्जी विज्ञापन जारी किए थे।
यह समूह आरटीआई कार्यकर्ता होने का दावा करता था और लोगों को धोखा देता था। साथ ही जबरन वसूली करता था और लोगों को यह बताकर बेवकूफ भी बनाता था कि उनकी वरिष्ठ अधिकारियों के जान पहचान है तथा वह उन्हें क्रशर लाइसेंस, शराब लाइसेंस, स्थानांतरण और पोस्टिंग करवा सकते हैं। यह समूह ओडिशा के विभिन्न स्थानों पर ठगी, धोखाधड़ी और प्रतिरूपण में शामिल रहा है। यह समूह कुछ अवैध बैंक खातों का उपयोग करता था, जिसमें मृत लोगों के कुछ खाते भी शामिल हैं। वे अपने नंबरों को वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर सेव कर लोगों को धोखा देते थै और जब लोग इसे ट्रु कॉलर पर सत्यापित करते थे तो उनपर भरोसा करना शुरू कर देते थे।
धोखाधड़ी, जबरन वसूली मामले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
