शिमला : हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार रात और बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से जगह-जगह भूस्खलन, पेड़ों के गिरने तथा बारिश से आये मलबे से हेरिटेज शिमला रेलवे स्टेशन क्षतिग्रस्त हो गया है। सूत्रों ने आज यहां बताया कि भूस्खलन से शहर की कई अंदरूनी सड़कों को नुकसान पहुंचा, वहीं कई गाड़ियां दब गई हैं। कई घरों, दफ्तरों तथा शिमला रेलवे स्टेशन में इंजनों के खड़े होने वाला यार्ड ढह गया है।
बारिश से आईजीएमसी अस्पताल के स्पेशल वार्ड के छत से पानी बारिश की तरह बरसा। इससे स्पेशल वार्ड में पानी भर गया। यहां सेब से लदा एक ट्रक भी बीच सड़क में पलट गया। शहर के बीसीएस में भी कई पेड़ों के गिरने से तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं, वहीं सड़क अवरुद्ध हो गई। आईएसबीटी के पास पहाड़ी से गिरे मलबे ने एक निजी बस को नुकसान पहुंचाया। शिमला के मॉल रोड पर लिफ्ट के पास आज सुबह भूस्खलन हो गया। पुराने बस स्टैंड-छोटा शिमला सड़क पर हिमलेंड में भी पेड़ टूट कर सड़क पर गिरा।
शिमला के खलीनी फॉरेस्ट कॉलोनी के पास भी भूस्खलन होने से झंझीड़ी से खलीनी सड़क बंद हो गई है। भारी बारिश की वजह से विजयनगर और कृष्णा नगर में कई घरों में दरारें आ गई हैं और कई घरों को एहतियातन खाली करवा दिया गया है। सुबह सुबह आईएसबीटी के पास पार्क एक निजी बस मलबे की चपेट में आ गई।
इसके अलावा शहर के ढली थाना के अंतर्गत ब्लदयाँ इलाके में बुधवार सुबह भूस्खलन की चपेट में आने से मजदूर दम्पति की मौत हो गई। दम्पति का शव मलबे से निकाला गया है। हादसा ब्लदयाँ के शोल गांव में सामने आया। मृतक दम्पति मजदूरी का काम करती थी। इनकी पहचान झालु ओरेण (28) और राज कुमारी (21) पत्नी झालु के रूप में हुई है। ये दोनों झारखंड के गुमला जिला के मूल निवासी थे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ये दम्पति शोल गांव में कंस्ट्रक्शन साइट पर ठेकेदार के पास मजदूरी का काम कर रहे थे कि अचानक भारी भूस्खलन की जद में आ गए। ढली पुलिस ने शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भेज दिया है।
शहर में हो रही भयंकर बारिश से पैदल रास्ते नालों में तब्दील हो गए हैं। कर्मचारियों और रोजमर्रा के काम करने वाले लोगों को भूस्खलन के खतरे के बीच अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। राहत की बात यह है कि जिला प्रशासन ने बारिश की आशंका को देखते हुए आज व कल सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखे हैं। मौसम विभाग के अनुसार शिमला में 13 सेंटीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई है।
बहरहाल बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पॉल ने बताया कि मानसून के सक्रिय होने से अगले तीन दिन व्यापक वर्षा होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 23 व 24 अगस्त को भारी वर्षा का ओरेंज और 25 अगस्त को येलो अलर्ट जारी किया गया है। शिमला, चम्बा, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा, बिलासपुर, ऊना, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए जारी हुआ है। इन जिलों में अगले 24 घण्टों के दौरान बाढ़ आने की भी चेतावनी दी गई है।
मौसम विभाग ने अगले तीन दिन इन जिलों में भूस्खलन व पेड़ों के गिरने की आशंका जताई है और घरों से बाहर निकलते समय लोगों को सावधानी बरतने को कहा है। लोगों व सेलानियों से अपील की गई है कि वे भूस्खलन संभावित इलाकों और नदी-नालों के तटों की तरफ न जाएं। 29 अगस्त तक राज्य में मौसम खराब रहेगा।
शिमला : बारिश से कई जगहों पर भूस्खलन
