छह गिरफ्तार
बलिया : उत्तर प्रदेश में बलिया जिले के कोतवाली क्षेत्र में पुलिस और साईबर सेल की संयुक्त टीम ने हाईकोर्ट के फर्जी मुहर व जिला सत्र न्यायाधीश के फर्जी हस्ताक्षर का प्रयोग करके कूटरचित तौर पर फर्जी नियुक्त पत्र तैयार करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरोह के सदस्य युवाओं को न्यायालय में नौकरी दिलवाने के नाम पर उनके साथ लाखों की ठगी करते थे। इनके पास से फर्जी नियुक्ति पत्र व लैपटाप मोबाइल जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं ।
उन्होने बताया कि सब्जी मार्केट निवासी हातिम ऊर्फ अब्दुल रहमान और क्षेत्र के ही रामपुर निवासी निहाल सिंह कचहरी में एडहाक पर नौकरी करते है तथा इसी का फायदा उठाकर उन्होंने किसी पत्रावली से जिला सत्र न्यायधीश का हस्ताक्षर व हाईकोर्ट का मुहर प्राप्त करके उसे मोबाइल में ले लिया। वे इसे कोतवाली थाना क्षेत्र के विशुनीपुरा निवासी सिरादुद्दीन को देकर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करवाते थे जिसके बाद गड़वार थाना क्षेत्र के रतसड़ निवासी जलाल अहमद, जुनैद अहमद व हिमांशु बरनवाल के साथ मिलकर भोले भाले लोगो को न्यालय में सरकारी नौकरी का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसते थे और प्रति व्यक्ति नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख रुपए कि वसूली करते थे।
उन्हें जिला सत्र न्यायाधीश के फर्जी हस्ताक्षर व हाईकोर्ट के फर्जी मुहर का प्रयोग करके तैयार किए गए फर्जी नियुक्ति पत्र दे देते थे । अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गा प्रसाद तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने साइबर सेल व थाना कोतवाली जनपद बलिया की संयुक्त पुलिस की टीम गठन कर मामले की जांच कर कार्यवाही के आदेश दिए थे ।
जिसके बाद मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस व साईबर सेल की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर जिले के बस स्टैण्ड बलिया के पास से जलाल अहमद, जुनैद अहमद व हिमांशु बरनवाल को गिरफ्तार कर लिया आरोपीयों कि निशानदेही पर पुलिस ने गिरोह के अन्य तीन सदस्यों हातिम, सिराजुद्दीन व निहाल सिंह को क्षेत्र के ही काजीपुरा रेलवे क्रासिंग के समीप से गिरफ्तार कर लिया ।
पुलिस ने इनके पास से चार मोबाईल फोन, एक रजिस्टर, तीन प्रति कन्डीडेट की सूची, चार एप्वाइंटमेन्ट लेटर, 10 कन्डिडेट को सूचित की गयी प्रति की छायाप्रति, 55 फर्जी नियुक्ति पत्र, 02 अदद लैपटाप भी बरामद किए हैं । पुलिस आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 व आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही कर रही है ।
