शिमला : हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी के मंडी मंडल के तहत चलने वाले 940 में से 375 रूट अभी तक ठप पड़े हुए हैं, जिस कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मंडी, कुल्लू और लाहौल-स्पिति जिलों के छह बस डिपो आते हैं जिनमें मंडी, सुंदरनगर, सरकाघाट, धर्मपुर, कुल्लू और केलांग डिपो शामिल हैं। इन छह डिपो में 940 में से 565 रूट सड़कें खुलने के बाद यातायात के लिए बहाल कर दिए गए हैं। सबसे ज्यादा 135 रूट कुल्लू डिपो के प्रभावित हुए हैं।
सरकाघाट के 78, मंडी के 71, सुंदरनगर के 47 और धर्मपुर के 34 रूट प्रभावित हुए हैं। एचआरटीसी मंडी मंडल के मंडलीय प्रबंधक विनोद ठाकुर ने बताया कि भारी बारिश के कारण अभी तक निगम की 63 बसें फंसी हुई हैं। कुल्लू और केलांग डिपो की कुछ बसें मंडी में पड्डल मैदान के पास और बाहर बीते जुलाई महीने से बेकार खड़ी हुई हैं। हालांकि कुल्लू और केलांग से चलने वाले अधिकतर लांग रूट मंडी से चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अभी तक निगम को भारी बारिश के कारण 12 से 15 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। इसमें मंडी डिपो की एक बस थट्टा गांव के पास पहाड़ी से मलबा आने के कारण बह गई है। उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे सड़कें खुल रही हैं वैसे-वैसे रूटों को बहाल किया जा रहा है। बस सड़कें बंद होने के कारण बस सेवाएं बहाल न होने से आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
हिमाचल के मंडी में ठप पड़े हैं 375 रूट बंद
