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विजन दस्तावेज को लेकर मिशन मोड पर सरकार

उदयपुर : राजस्थान को वर्ष 2030 तक देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में खड़ा करने की मंशा से तैयार किए जाने वाले विजन दस्तावेज को लेकर सरकार मिशन मोड पर काम कर रही है। राजस्थान मिशन-2030 को लेकर प्रदेश भर में विभागवार बैठकों, परामर्श शिविरों और चर्चाओं का दौर चल रहा है। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सुनिश्चित कर उनके सुझाव प्राप्त करने की कवायदें चल रही हैं।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के विकास, समस्त नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा राजस्थान को देश में अग्रणी बनाने के लिए मिशन-2030 की परिकल्पना प्रस्तुत की। इसके तहत प्रदेश को अग्रणी बनाने के लिए मानक निर्धारित करने तथा उन मानकों को प्राप्त करने की कार्ययोजना तैयार करने के लिए विजन दस्तावेज बनाने की घोषणा की थी। इसमें प्रदेश भर के एक करोड़ से अधिक लोगों के सुझाव लेने का लक्ष्य तय किया गया है। मिशन के तहत प्रत्येक विभाग के माध्यम से हितकारकों की बैठकें, परामर्श शिविर एवं चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। इसमें आमजन खुलकर अपने सुझाव प्रस्तुत कर रहे हैं। इन सुझावों के आधार पर विजन दस्तावेज तैयार किया जाना है
मिशन के तहत ऑनलाइन माध्यम से भी आमजन तक पहुंचने की कवायदें चल रही हैं। विभागीय मुख्यालयों की ओर से वेबिनार के माध्यम से प्रशिक्षण भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसमें मिशन के तहत क्या करना है, कैसे करना है, अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच कैसे सुनिश्चित की जाए आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसके तहत उदयपुर जिले में भी जिला कलक्टर अरविन्द पोसवाल के निर्देशन में मैराथन बैठकें हो रही हैं। 1 सितम्बर शुक्रवार को सुबह 9.30 बजे जिला परिषद सभागार में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कार्मिकों, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों की बैठक होगी। एसीईओ विनय पाठक ने बताया कि बैठक में विजन दस्तावेज को लेकर नीतिगत सुझाव एवं नवाचारों पर चर्चा होगी।

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