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भगवंत मान पर एस्मा लागू हो

बाबा बकाला : सुखबीर सिंह बादल ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू करने की मांग की। बादल ने आज यहां ‘रक्खड़ पुन्या’ के अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि श्री मान ने राज्य को बाढ़ की चपेट में छोड़कर पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मध्य प्रदेश तथा छतीसगढ़ के चुनावी राज्यों में लेकर जा रहे हैं इसलिए उन पर एस्मा लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री पर वही मानदंड लागू होने चाहिए, जो वह कर्मचारियों पर लागू कर रहे हैं। उन्हें ये मानदंड उन मंत्रियों और विधायकों पर भी लागू करने चाहिए, जो पिछले महीने बाढ़ से तबाह हुए किसानों की मदद करने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह एस्मा जैसे कठोर कानून लागू करके कर्मचारियों को दबा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों से तानाशाही तरीके से काम करने के बजाय, उनसे बातचीत करके उनकी शिकायतों का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा पंचायतों को भंग करने के मुद्दे पर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायायल द्वारा अपनाए गए रूख का भी स्वागत किया, जिसने सरकार को अपना फैसला पलटने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि पंचायतों को उनके कार्यकाल से छह महीने पहले भंग करने के निर्णय का मकसद निर्वाचित प्रतिनिधियों से इन जमीनी स्तर के निकायों का नियंत्रण लेना और उन्हें अपने चुने हुए पंसदीदा को सौंपना था।

बादल ने घोषणा की कि अकाली दल गुरुद्वारों को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित आधुनिक महंतों से मुक्त कराने के लिए हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी का आगामी चुनाव लड़ेगा। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधन की मीटिंग में गुंडागर्दी और अपमानजनक व्यवहार से संगत की भावनाओं को बहुत ज्यादा ठेस पहुंची है, इसलिए वह चाहती है कि गुरुद्वारों का प्रबंधन अकाली दल द्वारा फिर से किया जाए।
इससे पहले, श्री बादल ने कहा था कि कैसे मणिपुर के ईसाइयों और नूंह के मुसलमानों को साम्प्रदायिक हिंसा के बाद न्याय नहीं मिला, क्योंकि उनके पास अपने हितों की रक्षा के लिए कोई संगठन नहीं था। उन्होंने बताया कि कैसे मुसलमानों ने बाबरी मस्जिद पर हमले के बाद मुसलमानों ने उस पार्टी का बहिष्कार किया था, लेकिन श्री दरबार साहिब पर टैंकों और तोपों से हमला करने के बाद सिखों ने कांग्रेस को तीन बार वोट देकर सत्ता में भेजा।
उन्होंने कहा कि कैसे आप के कार्यकाल के दौरान नशे का खतरा दस गुना बढ़ गया है? उन्होंने कहा कि आप ने इस मुददे पर अकाली दल और विक्रम सिंह मजीठिया को बदनाम किया। उन्हें अपने आसपास की स्थिति देखनी चाहिए , क्योंकि सिंथेटिक नशे की खपत अब तक के उच्चतम स्तर पर है। ऐसा इसीलिए है क्योंकि आप विधायक ड्रग माफिया से महीना ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह आप के कार्यकाल में रेत की कीमत सात रूपये घन फीट से बढ़कर 40 से 50 रूपये प्रति घन फीट हो गई है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ‘रक्खड़ पून्या’ के अवसर पर जाने के बजाय मुंबई जाने का फैसला किया, क्योंकि उनकी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल को विमान का उपयोग करने की आवश्यकता थी। उन्होंने राज्य और केंद्र दोनों सरकारों से सिख मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए कहा कि समुदाय के धार्मिक मामलों में हरियाणा सरकार के हस्तक्षेप के कारण अब हरियाणा कमेटी विवाद में फंस गई है।
श्री विक्रम सिंह मजीठिया ने बताया कि किस तरह से आप कार्यकाल के दौरान राज्य के विकास में गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि कुछ नहीं करने के बावजूद आप सरकार ने पिछले डेढ़ साल में 55 हजार करोड़ रूपये का कर्ज लिया तथा राज्य का कर्ज 3.5 करोड़ रूपये पहुंच गया। उन्होंने कहा कि सरकार विज्ञापनों पर 750 करोड़ रूपये खर्च कर रही हैं लेकिन किसानों और खेत मजदूरों के लिए उनके पास केवल 186 करोड़ रूपये हैं, जो हाल की बाढ़ के दौरान उन्हें हुए नुकसान का अंश मात्र है।

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