बड़वानी/खरगोन : मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में वर्षा की खेंच के चलते सिलावद कस्बे को ग्राम पंचायत में बैठक कर इंद्र भगवान को प्रसन्न करने के लिए धार्मिक आयोजन करने के लिए आज बंद रखा गया। इस दौरान पूजा पाठ और अन्य आयोजन हुए तथा मुस्लिम समाज द्वारा नमाज भी पढ़ी गयी। ग्राम पंचायत सिलावद के सरपंच आर के पटेल ने बताया कि ग्राम पंचायत में बैठक कर इंद्र भगवान को प्रसन्न करने के लिए ‘उजवणी’ का आयोजन करने के लिए बाजार बंद करने का निर्णय लिया गया था।
सिलावद के व्यवसायी महेश भावसार ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के चलते फसलों को नुकसान हो रहा है और मवेशियों के लिए भी पानी की दिक्कत हो रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत में एक बैठक आयोजित कर विभिन्न धार्मिक आयोजन हेतु बाजार बंद करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत आज सुबह सात बजे से शाम के सात बजे तक पूरे सिलावद में बाजार बंद रहे। इसके लिए कल मुनादी भी कराई गई थी।
उन्होंने बताया कि इस दौरान मंदिरों में हनुमान चालीसा यज्ञ हवन सुंदरकांड का आयोजन हुआ। कस्बे के लोगों ने उजवणी का आयोजन किया जिसके तहत उन्होंने घर में भोजन नहीं बनाते हुए खेतों में जाकर भोजन बनाकर ग्रहण किया। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी नंगे पैर चलकर खुले आसमान के नीचे ईदगाह पर नमाज अदा की। हाफिज मुजफ्फर हुसैन रजवी ने बताया कि आज समाज के लोगों ने फसलों को बचाने हेतु बारिश के लिए नमाज अदा की और रो रो कर दुआ की गई।
बड़वानी के कृषि विभाग के उपसंचालक आर एस जमरे ने बताया कि जिले में 2.38 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में कपास सोयाबीन मक्का तथा अन्य फसले बोई गई है। बारिश नहीं होने तथा पिछले करीब एक हफ्ते से तेज धूप पड़ने के चलते पथरीली जमीन पर फसले मुरझा रही है। उन्होंने बताया कि जहां जमीन अच्छी है वहां फिलहाल फसल ठीक है। खरगोन के कृषि विभाग उप संचालक एम एल चौहान ने बताया कि जिले में 4.16 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फसले बोई गई है । उन्होंने बताया कि झिरनिया, भीकनगांव ,सेगांव विकासखंड के पहाड़ी क्षेत्रों के करीब एक लाख हेक्टेयर क्षेत्र में नहर के पानी की सुविधा नहीं होने के चलते कपास सोयाबीन मूंगफली मूंग तथा अन्य फसले सूखने की कगार पर है।
उन्होंने बताया कि शेष स्थानों पर नहर तथा नदी के पानी की सुविधा के चलते अभी स्थिति खराब नहीं हुई है। पिछले दिनों बारिश नहीं होने के चलते मंदसौर क्षेत्र में जिंदा आदमी की अर्थी निकालने के अलावा गधों को गुलाब जामुन भी खिलाये गए थे। साथ ही महू क्षेत्र महू के जामली क्षेत्र में ग्राम पटेल को गधे पर घुमाया गया था। इसके अलावा भी ग्रामीण तरह-तरह के टोटके अपना कर इंद्र भगवान को प्रसन्न करने की कोशिश कर रहे हैं।
बारिश की खेंच के चलते सिलावद बंद रहा
