नैनीताल : उत्तराखंड में केन्द्र सरकार की लाभकारी योजना वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) पंजीकरण के नाम पर घूस लेने का मामला सामने आया है। प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने राज्य कर अधिकारी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
विजिलेंस के हल्द्वानी सेक्टर के पुलिस अधीक्षक प्रहलाद नारायण मीणा के अनुसार भीमताल के व्यापारी मनोज जोशी की ओर से जीएसटी में पंजीकरण के लिये आवेदन किया गया लेकिन जीएसटी कार्यालय की ओर से तीन बार पंजीकरण आवेदन निरस्त कर दिया गया।
इसके बाद स्वयं जोशी ने राज्य कर कार्यालय से संपर्क कर इस मामले में जानकारी हासिल की। मीणा के अनुसार संविदा लिपिक दीपक मेहता ने जोशी से पंजीकरण के नाम पर 3000 की घूस मांगी। इसके बाद जोशी ने विजिलेंस के हल्द्वानी कार्यालय से संपर्क किया और इस मामले की शिकायत की। जांच में शिकायत सही पाये जाने पर निरीक्षक भानु प्रताप की अगुवाई में एक नौ सदस्यीय टीम का गठन किया गया। टीम ने लिपिक दीपक मेहता को 3000 रूपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने बताया कि उसने राज्य कर अधिकारी उम्मेद सिंह बिष्ट के कहने पर पंजीकरण के नाम पर घूस ली है। इसके बाद टीम ने राज्य कर अधिकारी को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद विजिलेंस की टीम ने राज्य कर अधिकारी के घर पर छापा मारा और वहां से 147500 रुपये बरामद किये। जीएसटी में घूस के नाम पर विजिलेंस की यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इससे यह भी साबित हो गया है कि केन्द्र सरकार की जीएसटी योजना को अधिकारी किस प्रकार पलीता लगाने में लगे हुए हैं।
घूस लेते राज्य कर अधिकारी समेत दो गिरफ्तार
