मुंबई : विश्व बाजार के मिलेजुले रुख के बीच स्थानीय स्तर पर दमदार लिवाली की बदौलत बीते सप्ताह करीब दो प्रतिशत तक मजबूत रहे घरेलू शेयर बाजार की चाल अगले सप्ताह वैश्विक रुख के साथ ही अगस्त की थोक एवं खुदरा महंगाई और औद्योगिक उत्पादन आंकड़ों से तय होगी। बीते सप्ताह बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1211.75 अंक अर्थात 1.9 प्रतिशत की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 66598.91 अंक और नेशनल स्टाॅक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 384.65 अंक यानी दो प्रतिशत उछलकर 19819.95 अंक पर पहुंच गया।
इसी तरह समीक्षाधीन सप्ताह में मझौली और छोटी कंपनियों में हुई जबरदस्त लिवाली से भी बाजार को बल मिला। बीएसई का मिडकैप 1236.38 अंक अर्थात चार प्रतिशत की तूफानी तेजी के साथ सप्ताहांत पर 32672 अंक और स्मॉलकैप 846 अंक यानी 2.3 प्रतिशत की छलांग लगाकर 38266.53 अंक पर रहा।
विश्लेषकों के अनुसार, सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) और पीएमआई के मजबूत आंकड़ों से उत्साहित होकर पूरे सप्ताह घरेलू सूचकांकों में धीरे-धीरे तेजी देखी गई। इसने घरेलू बाजार के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदर्शित किया। कमजोर संकेतों के कारण वैश्विक बाजार के मिश्रित रुझान के बावजूद घरेलू शेयर बाजार इस मजबूत आर्थिक दृष्टिकोण की बदौलत लचीली बनी रही।
इस बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, अगस्त के अमेरिकी बेरोजगारी दावों के आंकड़ों, चीन में सेवा क्षेत्र की पीएमआई और व्यापार के कमजोर आंकड़ों तथा ऑस्ट्रेलिया में हड़ताल के कारण गैस की बढ़ती कीमतों से वैश्विक चिंताएं बढ़ गईं हैं। हालांकि मूल्यांकन अपेक्षाकृत अधिक रहने के बावजूद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के प्रति निवेशकाें की निवेश धारणा मजबूत रही।
इसके अलावा जबरदस्त ऑर्डर से सप्ताह के दौरान बुनियादी ढांचे और रियल्टी जैसे क्षेत्रों के प्रति निवेशक खासे आकर्षित रहे। अगले सप्ताह अगस्त के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा महंगाई (सीपीआई) और थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई (डब्ल्यूपीआई) तथा औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी होने वाले हैं। अगले सप्ताह बाजार को दिशा देने में इन कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
औद्योगिक उत्पादन आंकड़े तय करेंगे बाजार की चाल
