ईटानगर : राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में 36 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का वर्चुअली उद्घाटन किया, जिसमें जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले से प्रदेश के पश्चिम कामेंग जिले में बालीपारा-चारदुआर-तवांग मार्ग पर बनी 500 मीटर लंबी नेचिफू सुरंग भी शामिल है। सिंह द्वारा जा राष्ट्र को समर्पित 90 प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में नेचिफू सुरंग एक है। ग्यारह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैली परियोजनाओं को सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा 2,941 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।
इन परियोजनाओं में से 36 अरुणाचल प्रदेश में, 26 लद्दाख में, 11 जम्मू- कश्मीर में पांच मिजोरम में, तीन हिमाचल प्रदेश में, दो-दो क्रमश: सिक्किम, उत्तराखंड और नागालैंड में हैं। वहीं नागालैंड, राजस्थान तथा अंडमान-निकोवार द्वीप समूह की क्रमश: एक-एक परियोजना है। बालीपारा-चारदुआर-तवांग (बीसीटी) रोड को जोड़ने वाली नेचिफू सुरंग हर मौसम में सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देने में मदद करेगी तथा इससे पांच किमी दूरी कम करके सीमा कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (पश्चिम कामेंग जिले के सेसा से बीआरओ परियोजनाओं के उद्घाटन के गवाह बने) ने कहा कि ये परियोजनाएं सेना की तैनाती, उपकरणों की आवाजाही में काफी वृद्धि करेंगी और हमारे सीमावर्ती क्षेत्रों को मजबूत करेंगी।
नेचिफू सुरंग, निर्माणाधीन सेला सुरंग के साथ, रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तवांग क्षेत्र को हर मौसम में कनेक्टिविटी प्रदान करेगी। यह क्षेत्र में तैनात सशस्त्र बलों और तवांग आने वाले पर्यटकों के लिए फायदेमंद होगा। गौरतलब है कि श्री सिंह ने अक्टूबर 2020 में नेचिफू सुरंग की आधारशिला रखी थी। बीआरओ ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं का निर्माण अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करके रिकॉर्ड समय में पूरा किया है।
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में बीआरओ को सशस्त्र बलों के ‘भाई’ के रूप में वर्णित किया और कहा, “अपनी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से बीआरओ न केवल भारत की सीमाओं को सुरक्षित कर रहा है, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।” उन्होंने इन परियोजनाओं के समय पर पूरा होने का श्रेय बीआरओ कर्मयोगियों की कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दिया। उन्होंने कहा, “बीआरओ के साथ मिलकर, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि देश सुरक्षित रहे और सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास हो। दूर-दराज के इलाकों में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समय पर पूरा करना अब नए भारत की नई सामान्य बात बन गई है।”
