नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि केरल में निपाह के मामले सामने के बाद स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और राज्य सरकार को सभी मदद दी जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने आज पुणे में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद – राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (आईसीएमआर-एनआईवी) से केरल के कोझिकोड में निपाह वायरस के प्रकोप की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की। समीक्षा करने के बाद डॉ. पवार ने कहा कि केंद्र सरकार स्थिति की निगरानी कर रही है और वायरस प्रसार की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठा रही है।
पवार ने बताया कि केंद्र और आईसीएमआर-एनआईवी की उच्च स्तरीय टीमें बीएसएल-3 प्रयोगशालाओं से सुसज्जित मोबाइल इकाइयों के साथ पहले ही कोझिकोड पहुंच चुकी हैं और जमीनी स्तर पर परीक्षण करेंगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कोझिकोड क्षेत्र में प्रभावित ग्राम पंचायतों को संगरोध क्षेत्र – आइसोलेटेड घोषित किया गया है। इस प्रकोप से निपटने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों में राज्य सरकार का सहयोग करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने डॉ. माला छाबड़ा के नेतृत्व में एक बहु-विशेषज्ञ टीम की नियुक्ति की है।
केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर-एनआईवी दैनिक आधार पर इस मुद्दे की निगरानी कर रहे हैं और वायरल प्रकोप से निपटने के लिए केंद्र सरकार द्वारा हर संभव व्यवस्था की जा रही है। ताज़ा जानकारी के अनुसार राज्य में तीन नमूने निपाह से संक्रमित पाये गये हैं। इस संबंध में 706 व्यक्तियों की जांच की गयी है और 77 व्यक्तियों को ‘अति जोखिम’ श्रेणी में पाया गया है। इसके अतिरिक्त 153 स्वास्थ्य कर्मियों को भी ‘जोखिम’ श्रेणी में रखा गया है।
निपाह मामलों पर केंद्र सरकार की नजर
