मुंबई : सम्पत्ति बाजार में जोखिमों का विश्लेषण एवं निवेश समाधान सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी की एक ताजा रिपोर्ट में शुक्रवार को कहा गया कि अभी आने वाले कुछ समय तक वैश्विक बाजार में सोने का भाव 1880-1830 डॉलर प्रति औंस के एक लंबे दायरे में नीचे-ऊपर जा सकता है। वर्तमान में सोने के भाव 1960 डॉलर के दायरे में हैं। नेविगेटर शीर्षक से इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने का बाजार पिछले एक महीने से 1880-1960 डॉलर के बीच है जबकि पिछले दो महीनों के दौरान गोल्ड ईटीएफ से निवेश की निकासी देखी गई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि ईटीएफ में हाल के हफ्तों के दौरान पुन: कुछ पूंजी प्रवाह तेज हुआ है। इससे इस महंगी धातु में मजबूती आ सकती है। रिपोर्ट में कहा गया कि बाजार में सोने में उतार-चढ़ाव मूलत: दो कारकों, अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा और अमेरिकी डॉलर की दिशा से जुड़ा होता है। अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाओं से डालर की विनिमय दर में भी मजबूती आने की संभावनाएं बनी हुई हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख ने अपने पिछले सम्बोधन में साफ किया था कि देश में मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के लिए अभी ब्याज दर और बढ़ने की जरूरत पड़ सकती है। पहले अमेरिकी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन को लेकर चिंता और अनिश्चिताएं व्यक्त की जा रही थीं , जिससे निवेश के विकल्प के रूप में सोने में चमक आ गयी थी , पर वे अनिश्चितताएं सही साबित नहीं हुई और अमेरिका में बेरोजगारी कम हुई है जो अर्थव्यस्था की मजबूती का संकेत है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस समय व्यापारियों को कुछ विकसित देशों में आर्थिक नरमी है और उसकी गहनता को लेकर चिंता है। इससे सोने की मांग तेज होने की संभावना कम है। रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि मुद्रास्फीति और अनिश्चितताओं का वातावरण सोने को बढ़त दे सकता था, अगस्त की जैक्सन होल बैठक में फेडरल रिजर्व के चेरमैन जेरॉम पावेल के संबोधन केबाद मुद्रास्फीति के खिलाफ अमेरिकी फेड की लड़ाई का महत्व अधिक हो गया है। रिपोर्ट अनुसार ऐसे वातावरण में निकट अवधि में सोने का बाजार सीमित दायरे में दिखेगा।
सोना 1880-1830 डॉलर के दायरे में रहने का अनुमान
