खण्डवा : मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पिछले चौबीस घंटो में मूसलाधार बारिश के चलते सभी नदी नाले उफान पर है। ओंकारेश्वर में नर्मदा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जिसने बहुत तबाही मचाई। यहां खंडवा से इंदौर को जोड़ने वाले नर्मदा पर बने एकमात्र मोरटक्का पुल के 15 फीट ऊपर से पानी बह रहा है जिससे यहां सड़क परिवहन पूरी तरह ठप्प हो गया है। इंदिरा सागर और ओंकारेश्वर बांध के सभी गेट खोल दिए गए है जिससे नर्मदा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। ओंकारेश्वर में शंकराचार्य की जो प्रतिमा लोकार्पित की जाने वाली है उसके पहुंच मार्ग की पुलिया भी जलमग्न हो गई है। ओंकारेश्वर आने वाले सभी साधू संतो को भी अब यहां आने से रोका जा रहा है।
विगत चौबीस घंटो में जिले में 12 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है जिससे यहां निचली बस्तियों में बाढ़ सी स्थिति निर्मित हो गई है। सबसे ज्यादा नर्मदा उफान पर है जो खतरे के निशान से ऊपर बह रही है । नर्मदा पर बने इंदिरा सागर बांध के सभी 20 गेट खोल दिए गए है जिससे 34हजार736 क्यूमेक्स जलराशि प्रवाहित हो रही है । यहां 12 गेट 12 मीटर तक खोले गए है जबकि 8 गेट डेढ़ मीटर खोले गए है । यहां हंडिया से 20 हजार 560 क्यूमेक्स जलराशि आ रही है ।
ओंकारेश्वर के सभी घाट डूब चुके है। यहां ज्योर्तिलिंग मंदिर तक जाने वाले सभी रास्तों से प्रवेश रोक दिया गया है जिससे हजारों श्रद्धालुओं को बिना दर्शन किए निराश लौटना पड़ा। यहां घाट पर बंधी करीब 25 नाव बाढ़ में बह गई है । इधर घाट पर लगी सौ से ज्यादा छोटी बड़ी गुमटियां भी पानी में डूब गई और उसमे रखा सारा सामान बह गया । कई परिवारों का इससे रोजगार छिन गया ।
ओंकारेश्वर में 18 सितंबर को ओंकार पर्वत पर आदि शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची जिस भव्य प्रतिमा का लोकार्पण किया जाना था उस कार्यक्रम पर भी संकट के बादल मंडराने लगे है । इस पहाड़ी पर जाने के लिए जो मार्ग बना है वही जलमग्न हो गया है जिससे यहां से संपर्क ही टूट गया है। इस समारोह में शामिल होने के लिए देश भर से बड़े साधू संतो को आमंत्रित किया गया था उन्हे भी अब रोका जा रहा है। इस आयोजन को लेकर प्रशासन अभी कुछ कहने की स्थिति में ही नही है ।
खंडवा इंदौर मार्ग पर नर्मदा पर बने मोरटक्का पुल पर आज सुबह से ही आवागमन रोक दिया गया था, दोपहर तीन बजे तक यह पुल न केवल पूरी तरह जलमग्न हो गया बल्कि इसके 15 फीट ऊपर से पानी बह निकला। इस मार्ग से यातायात पूरी तरह बंद हो गया है जिससे खंडवा का इंदौर से संपर्क पूरी तरह टूट गया है । इस पुल से पानी उतरने के बाद पुल की टूट फूट की जांच होने के बाद ही यहां यातायात सामान्य हो सकेगा।
नर्मदा उफान पर, पुल डूबने से खण्डवा का इंदौर से सड़क संपर्क टूटा
