मुंबई : अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़े से हुई दमदार लिवाली की बदौलत बीते सप्ताह करीब दो प्रतिशत की तेजी में रहे घरेलू शेयर पर अगले सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दर को लेकर होने वाले निर्णय का असर रहेगा। बीते सप्ताह बीएसई का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1239.72 अंक अर्थात 1.9 प्रतिशत की छलांग लगाकर सप्ताहांत पर 67838.63 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 372.4 अंक यानी 1.9 प्रतिशत उछलकर पहली बार 20 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 20192.35 अंक पर रहा।
समीक्षाधीन सप्ताह में दिग्गज कंपनियों के विपरीत मझौली और छोटी कंपनियों में बिकवाली हुई। इससे बीएसई का मिडकैप 166.63 अंक की गिरावट लेकर सप्ताहांत पर 32505.37 अंक पर रहा। इसी तरह स्मॉलकैप 437.97 अंक लुढ़ककर 37828.56 अंक पर आ गया। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर जुलाई में औद्यागिक उत्पादन बढ़ने और अगस्त में खुदरा महंगाई घटने से निवेशक खासे उत्साहित रहे। इससे दमदार लिवाली की बदौलत बीते सप्ताह बाजार गुलजार रहा। इसका असर बाजार पर आगे भी बरकरार रहेगा।
वैश्विक स्तर पर अगले सप्ताह 19 और 20 सितंबर को अमेरिकी फेड रिजर्व की ओपन मार्केट कमेटी की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में ब्याज दरों पर होने वाले निर्णय की अगले सप्ताह बाजार को दिशा देने में अहम भूमिका रहेगी। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश प्रवाह, डॉलर इंडेक्स और कच्चे तेल की कीमत भी बाजार का रुख तय करने वाले महत्वपूर्ण कारक होंगे।
फेड रिजर्व के निर्णय का बाजार पर रहेगा असर
