- देशभर में छाया गणपति बाप्पा मोरया!
- विनायक की विशेष वंदना में जुटे श्रद्धालु
- ऋद्धि-सिद्धी स्वामी की विशेष पूजा-अर्चना
- महादेवा को मोती चूर मोदक सहित अर्पित 56 भोग
- गणेशोत्सव पर म्यूजिशियन एवं सिंगर्स ने बांधा संमा
- शंभु सुत शरण आए स्वजनों को किया सम्मानित
- तृतीय तिथि रात्री जागरण, गणेश चतुर्थी सुबह निकाली कलश यात्रा और किया भण्डारा
- 28 सितंबर को मुर्ति विसर्जन के साथ होगा गणेशोत्सव का समापन
कपिल शर्मा | गौरवशाली भारत
नांगल चौधरी। कस्बे के प्राचीन मन्दिरों की श्रंखला में मौजूद तालाबंदी के दौरान नवनिर्मित ऋद्धि- सिद्धी स्वामी श्रीगणेश मन्दिर नलापुर मोहल्ला में सोमवार शाम भगवान गणेश चतुर्थी उत्सव पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गत 3 वर्ष की भांति इस वर्ष भी चतुर्थ विशाल जागरण एवं भण्डारा किया गया। इस अवसर पर मन्दिर संचालक ज्ञानचंद भार्गव द्वारा बताया गया कि गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। यह एक प्रमुख पर्व है। देशभर में गणेश चतुर्थी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन मिट्टी के भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर उनकी पूजा करते हैं। यह पावन पर्व विघ्नहर्ता-विनायक की उपासना से जुड़ा है। यह उत्सव सभी श्रद्धालुओं के जीवन में सौभाग्य, सफलता और संपन्नता लेकर आता है।

विनायक मंदिर की भव्य सजावट को लेकर मंदिर पुजारी ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर महिनों पूर्व व्यवस्था की गई। श्री गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमा पूजा के लिए अलग से स्थापित कि गई। जिसका विसर्जन 28 सितंबर को होगा। उन्होंने कहा कि, विघ्नविनाशक को 56 भोग के लिए विभिन्न व्यंजनों का विशेष प्रबंध किया गया। बप्पा की कृपा एवं आशिर्वाद से सोमवार शाम विशाल जागरण किया गया। जिसमें कई कलाकारों द्वारा संध्या – भजन प्रस्तुत किया गया। धारूहेड़ा, नारनौल, पलवल (राजस्थान) बुलंदशहर (यूपी) से महिला-पुरुष गायकों और संगीतकारों ने अपनी कला से समारोह की संध्या सभा में संमा बाँध दिया। इस उत्सव में शिव पार्वती एवं गणेश की विशेष झांकियांँ भी प्रस्तुत की गई। साथ ही विशेष समारोह में शंभु सुत शरण आए स्वजनों को एक साथ विशाल पुष्प माला के घेरे से उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने विघ्नहर्ता-विनायक की विशेष उपासना की और मोदक प्रसाद प्राप्त किया।

