नई दिल्ली : भारत की अध्यक्षता के अंतर्गत जी-20 संरचना कार्यसमूह (एफडब्ल्यूजी) की चौथी और अंतिम बैठक मंगलवार को छत्तीसगढ़ के रायपुर में संपन्न हुई, जिसमें बैठक में वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर गहन विचार-विमर्श हुआ। बैठक की अध्यक्षता भारत और ब्रिटेन के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से की। वित्त मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार दो दिन चली इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व वित्त मंत्रालय की सलाहकार सुश्री चांदनी रैना और ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व वहां के वित्त मंत्रालय की मुख्य आर्थिक सलाहकार सैम बेकेट ने किया।
बैठक में जी-20 सदस्य और आमंत्रित देशों और अंतरराष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय संगठनों के लगभग 65 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। मंत्रालय ने कहा, “यह बैठक भारत की जी-20 अध्यक्षता के दौरान एफडब्ल्यूजी द्वारा सफलतापूर्वक किए गए कार्यों की पूर्णता को दर्शाती है। बैठक में इस प्रगति को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने के विकल्पों का पता लगाने का अवसर भी प्रदान किया गया।”
इस वर्ष, समूह ने सफलतापूर्वक दो जी-20 रिपोर्ट – खाद्य और ऊर्जा असुरक्षा के व्यापक आर्थिक प्रभाव और और जलवायु परिवर्तन तथा रूपान्तरकारी मार्गों से उत्पन्न होने वाले व्यापक आर्थिक जोखिमों पर रिपोर्ट जारी की। सदस्यों ने वैश्विक चुनौतियों से जुड़े व्यापक आर्थिक परिणामों का आकलन करने के लिए वैश्विक विचार-विमर्श जारी रखने की आवश्यकता को स्वीकार किया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि कार्यसमूह की इस बैठक में वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रस्तुतियों के आधार पर प्रमुख चुनौतियों और जोखिमों पर गहन विचार-विमर्श हुआ। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (अमुको) द्वारा उपलब्ध कराए गए अपडेट के आधार पर जी-20/अमुको मजबूत टिकाऊ, संतुलित और समावेशी विकास रिपोर्ट के मसौदे के शुरुआती निष्कर्षों पर भी चर्चा हुई।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी जी-20 चर्चाओं को अधिक समावेशी और मानव-केंद्रित बनाने के लिए कई जनभागीदारी कार्यक्रमों की मेजबानी की। इसमें आम जनता, छात्रों और स्वयं-सहायता संगठनों के लाभ के उद्देश्य से कार्यक्रम शामिल किए गए, इन कार्यक्रमों में वित्तीय साक्षरता, कार्यक्रमों की एक श्रृंखला, जी-20 जागरूकता कार्यक्रम, चित्रकला, नारा-लेखन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता शामिल थी।
इस बैठक में भाग लेने आए प्रतिनिधियों ने नंदनवन प्राणी उद्यान भ्रमण का आनंद लिया। यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ के हरे-भरे और सुंदर परिदृश्य को प्रदर्शित करता है। यहां का खंडवा जलाशय बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है। प्रतिनिधियों के लिए ‘रात्रि भोज पर संवाद’ और एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, इस दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्वादिष्ट व्यंजनों का अनुभव करने का अवसर मिला। ‘रात्रि भोज पर संवाद’ के दौरान प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य का आनंद लिया।
