नई दिल्ली : आवास की कीमतों और आवास ऋण ब्याज दरों में बढोतरी के बावजूद निवेशकों के लिए रियल एस्टेट पंसदीदा परिसंपत्ति बना हुआ है और इसमें भी रेड्डी टू मूव श्रेणी के आवासों की मांग अधिक है। रियल एस्टेट उद्योग के संगठन नारेडको के सहयोग से प्रॉपटेक कंपनी हाउसिंग डॉटकॉम द्वारा जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ‘रेजिडेंशियल रियल्टी कंज्यूमर सेंटीमेंट आउटलुक एच2 2023 – ट्रेंड्स इंग इनसाइट्स’नाम से जारी इस रिपोर्ट में यह बात कही गयी है। जनवरी से लेकर जून 2023 तक संचालित यह एक ऑनलाइन सर्वे था जिसमें एक हज़ार से अधिक संभावित घर खरीददारों से बातचीत की गई।
सर्वेक्षण के अनुसार 48 प्रतिशत लोग स्टॉक्स फिक्स्ड डिपॉजिट और स्वर्ण जैसी दूसरी परिसंपत्ति श्रेणियों की अपेक्षा कहीं बहुत ज्यादा रियल एस्टेट में निवेश करने के पक्ष में हैं। आँकड़ों से पता चलता है कि 18 प्रतिशत लोग स्टॉक मार्केट को वरीयता देते हैं, 19 प्रतिशत की पसंद फिक्स्ड डिपॉजिट है और 15 प्रतिशत लोग सोना में निवेश करना चाहते हैं।
नारेडको के अध्यक्ष राजन बन्देलकर ने कहा कि हाल में संपन्न जी20 शिखर सम्मलेन का समग्र अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और यह नीति, निवेश, एवं सस्टेनेबिलिटी पर विचारों के माध्यम से भारत के रियल एस्टेट को एक नया स्वरूप प्रदान कर सकता है। महामारी की चरम अवस्था के दौरान देखी गई मंदी के विपरीत उपभोक्ताओं का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। हालाँकि, आमदनी की संभावना थोड़ी कम हुई है, फिर भी रियल एस्टेट 48 प्रतिशत उत्तरदाताओं की पसंदीदा ऐसेट क्लास बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रॉपर्टी मूल्य और ब्याज दरों के कारण निकट भविष्य में घर खरीदने के लिए स्टाम्प ड्यूटी और जीएसटी में छूट जैसे प्रोत्साहन प्रमुख प्रेरक होंगे। इन प्रोत्साहनों का लक्ष्य होमओनरशिप को ज्यादा आकर्षक और सुलभ बनाना है। सर्वे में प्रॉपर्टी के चुनाव के बाद व्यक्तिपरक सहयोग का मूल्य उजागर हुआ है, जो सौदा पक्का करने और घर खरीदने का सामान्य अनुभव बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
निवेश के लिए रियल एस्टेट प्रसंदीदा परिसंपत्ति
