अगरतला : त्रिपुरा विद्युत विनियामक आयोग (टीईआरसी) ने राज्य में बिजली की दरों में सात प्रतिशत तक वृद्धि करने का निर्णय लिया है। त्रिपुरा राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (टीएसईसीएल) अध्यक्ष डी राधाकृष्ण ने शनिवार को कहा कि वार्षिक राजस्व को बढ़ाने में सहायता करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। विद्युत दरों में संशाेधन के लिए गत जून में अर्जी दी गयी थी , जिसमें कहा गया था कि निगम का राजस्व उसके व्यय से 1100.60 करोड़ रुपये कम पड़ रहा है। उस अर्जी में इस अंतर को पाटने के लिए बिजली दरें बढ़ाने, काम में सुधार और विनियामिकीय देनदारियां लंबित करने का प्रस्ताव किया गया था।
राधाकृष्ण ने कहा, “ यदि टीएसईसीएल के राजस्व घाटे के दावे के हिसाब से गणना की जाए तो उसे पूरा करने के लिए बिजली की दरों में करीब 150 प्रतिशत की वृद्धि करनी पड़ेगी लेकिन हमने सावधानी बरतते हुए इस घाटे को काट-छांट कर 60 करोड़ रुपये रखा है और इसके लिए दरों में सात प्रतिशत की वृद्धि करना अपरिहार्य हो गया है।” उन्होंने कहा कि आयोग ने टीएसईसीएल के अर्जी के संबंध में विभिन्न वित्तधारकों के साथ बातचीत करके दो खंडों में दरें बढ़ाने का फैसला किया है।आयोग के फैसले के अनुसार, टीएसईसीएल फिक्स्ड चार्ज में पांच रुपये की बढ़ोतरी के साथ ही बिजली की दरों में वृद्धि करेगा। ताकि दोनों से 60 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व कमाया जा सके। आयोग ने कहा है कि उपभोक्ताओं पर फिक्स्ड चार्ज सबसे कम है।
आयोग ने राज्य की विद्युत उत्पादन कंपनी को भी अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने को कहा है ताकि उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर बिजली का लाभ मिल सके। आयोग का यह भी कहना है कि त्रिपुरा में पिछले 10 साल में बिजली की दरों में सबसे कम वृद्धि हुयी है।
त्रिपुरा में बिजली सात प्रतिशत मंहगी
