अमेठी : संजय गांधी अस्पताल मामले में कांग्रेस एमएलसी दीपक सिंह के नेतृत्व में जारी सत्याग्रह आंदोलन के बीच ग्रामीणों ने अस्पताल में स्वास्थ सेवाएं बहाली की मांग के साथ प्रदर्शन किया और केन्द्रीय मंत्री एवं स्थानीय सांसद स्मृति ईरानी के खिलाफ नारेबाजी की। मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के पूरे पहलवान चौराहे पर संजय गाँधी अस्पताल का लाइसेंस बहाल करने को लेकर दर्जन भर ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप था कि संजय गांधी अस्पताल राजनीतिक साजिश के तहत बंद करवाया गया है। ग्रामीणों ने मांग की कि संजय गांधी अस्पताल का निलंबन तत्काल वापस लिया जाये।
इसके पूर्व संजय गांधी अस्पताल के लाईसेंस की बहाली करने को लेकर मुंशीगंज के व्यपारियों ने भी विरोध जताया था। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व संजय गाँधी अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराने आई महिला की मौत के बाद परिजनों ने संजय गाँधी अस्पताल के डॉक्टरों के ऊपर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा था कि मरीज को एनेथीसिय के इंजेक्शन का ओवर डोज देने की वजह से मौत हुई है। शिकायत के बाद पुलिस ने सीईओ समेत तीन डॉक्टरों के ऊपर मुकदमा लिख कर कार्यवाही किया था।
इस पूरे मामले की जाँच करने के लिए उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने सीएमओ अमेठी को निर्देशित करते हुए कहा है कि तीन सदस्यीय टीम बना कर पूरे मामले की जाँच की जाये। इस क्रम में सीएमओ अमेठी ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द करते हुए अस्पताल में मरीजो को भर्ती व ओपीडी करने के लिए रोक लगा दी थी। पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक अमेठी इलामरान जी ने बताया कि पुतला फूंकने का मामला संज्ञान में आया है।कुछ वीडीओ भी आए है। मुसाफिर खाना कोतवाल को भेजा गया है। तहरीर मिलने पर कार्यवाही की जाएंगे।
