जयपुर : राजस्थान की राजधानी जयपुर में आगामी 19 से 21 अक्टूबर तक प्रदेश का पहला किसान-कृषि मेले का आयोजन किया जायेगा। तीन दिवसीय इस मेले का आयोजन जयपुर में सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित जेईसीसी में किया जायेगा। संयोजक निरंजन देशपांडे ने मीडिया को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर में आयोजित होने वाला यह मेला सबसे बड़ा कृषि मेला होगा जिसमें 20 हजार से अधिक किसानों के भाग लेने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि किसान कृषि मेला की शुरुआत वर्ष 1993 में पुणे में हुई और हर साल यह मेला आयोजित किया जाता है। यह मेला हैदराबाद, बैंगलुरू, इंदौर और दिल्ली में भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि इन तीन दिनों में खेती एवं कृषि से संबंधित प्रदर्शनी का आयोजन किया जायेगा जिसमे खेती में नई सोच एवं नई तकनीक को किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य के साथ राजस्थान के किसानों और कृषि जगत को एक मंच पर लाने का प्रयास होगा।
राजस्थान में पहली बार हो रहे किसान-कृषि मेला के टेक्नीकल पार्टनर श्री करण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर के कुलपति प्रोफेसर बलराज सिंह ने बताया कि इस दौरान अलग अलग सत्रों का आयोजन होगा जिसमें विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ राजस्थान के किसानों की समस्याओं और खेती में समाधान पाने के लिए किसान गोष्ठी का संचालन करेंगे और यह गोष्ठी तीनों दिन अलग विषयों पर होगी।
सिंह ने बताया कि इस मेले में उन्नत एवं उपयुक्त प्रौद्योगिकियों की विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान कृषि के अलग अलग क्षेत्र फसलों के बारे में गेंहू, जौ, तिलहन, दलहन आदि सहित उन्नतशील किस्मों, बीज, मधुमक्खी सहित हर तरह की जानकारी किसानों को अवगत कराई जायेगी। उन्होंने बताया कि इस दौरान ड्रोन को भी प्रदर्शित किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि राजस्थान में इस वर्ष साढ़े आठ हजार करोड़ की लाल मिर्च निर्यात की गई। उन्होंने बताया कि 60 प्रतिशत शहद का उत्पादन राजस्थान से होता है और आठ सौ करोड़ का निर्यात किया गया जिसमें 65 प्रतिशत राजस्थान की भागीदारी है। सिंह ने बताया कि जयपुर के दुर्गापुरा में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जायेगी। मेरे में संवाद के लिए किसान कनेक्ट ऍप भी लांच किया जायेगा। किसान ऍप से प्रदर्शनी से पहले और बाद में कृषि उत्पादकों से फ़ोन और व्हाट्सएप पर जुड़े रहने का मौका मिलेगा।
