भोपाल : शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश का हरदा जिला शत-प्रतिशत सिंचित जिला बनने जा रहा है। चौहान ने हरदा के किसान सम्मेलन में 4 हजार 469 करोड़ 62 लाख रूपये लागत के 122 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास, 3 हजार 517 करोड़ की मोरंड एवं गंजाल बांध परियोजना तथा 720 करोड़ की शहीद ईलापसिंह माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना शिलान्यास किया। मोरंड गंजाल सिंचाई परियोजना से हरदा, नर्मदानुरम और खंडवा के 201 गांवों के 73 हजार 920 कृषक लाभांवित होंगे और 64 हजार 111 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
शहीद ईलापसिंह परियोजना से हरदा जिले के 118 ग्राम लाभांवित होंगे तथा 26 हजार 898 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इस प्रकार 319 गांवों की 91,100 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। चौहान ने 266 करोड़ लागत की 42 सड़क मार्गों एवं पुलियों, 44 करोड़ की 22 ग्रामीण सड़कों और पुलियों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हरदा में 11 करोड़ 65 लाख की लागत से पूर्ण हुए 28 विकास कार्यों, 9 करोड़ 29 करोड़ की लागत से पूरा हुई, 12 नल-जल प्रदाय योजनाओं और 2 करोड़ 40 लाख रूपये की लागत से पंचायत एवं ग्रामीण विकास के 16 कार्यों का लोकार्पण किया।
चौहान ने टिमरनी विधानसभा के 25 नवीन कार्यों का शिलान्यास किया, जिनमें 26 करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाले 4 मार्ग, 7 नवीन आंगनवाड़ी भवन और 13 अन्य कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 33 लाख की लागत से बने महाविद्यालय भवन, 20 लाख की लागत से निर्मित नल-जल प्रदाय योजना, ग्राम सुल्तानपुर में आंगनवाड़ी भवन और सड़क मार्गों का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत का प्रस्ताव पारित होने पर हंडिया का नाम नाभिपट्टनम रखकर पर उसे नगर परिषद बनाया जायेगा। हरदा में जुड़े नये 5 वार्डों में लगभग 5 करोड़ रूपये की लागत के विकास कार्य कराये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान हरदा में किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री दिनेश शर्मा, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री कमल पटेल, वन मंत्री कुँवर विजय शाह, सांसद श्री दुर्गादास उइके, स्थानीय विधायक, नगरीय निकायों एवं पंचायतों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित थे।
चौहान ने कहा कि आज हरदा की धरती पर नया इतिहास बना है। आज एक संकल्प और सपना साकार हुआ है। हरदा शत-प्रतिशत सिंचित जिला होने जा रहा है। हमारी सरकार ने प्रदेश में विकास और जन-कल्याण के कार्यों के लिये कभी पैसे की कमी नहीं आने दी। सड़कें, पुल, पुलिया, स्कूल, अस्पताल, सीएम राइज स्कूल, आईटीआई के माध्यम से लोगों की जिंदगी बदलने के अभियान में हम निरंतर सक्रिय हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, किसानों को कर्ज के भार से मुक्त करने के लिये 2 हजार 200 करोड़ का ब्याज सरकार द्वारा भरा गया।
फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों के लिये 20 हजार करोड़ से अधिक का बीमा दावा भुगतान राज्य सरकार द्वारा किया गया। पिछले 3 साल में किसानों के खातों में 2 लाख 84 हजार करोड़ रूपये के हितलाभ अंतरित किये गये हैं। नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के रूप में 6 हजार रूपये प्रतिवर्ष 2-2 हजार रूपये की किश्त के रूप में जारी करने की व्यवस्था की। इसी प्रकार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत भी 6 हजार रूपये किसानों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
