नैनीताल : नरेन्द्र मोदी उत्तराखंड के दो दिनी दौरे पर आ सकते हैं। वह इस दौरान चीन सीमा को जोड़ने वाले लिपूलेख मार्ग का लोकार्पण के साथ ही छोटा कैलाश के नाम से प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन करेंगे। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री अपनी प्रस्तावित यात्रा के पहले दिन 12 अक्टूबर को सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के ज्योलिंकोंग पहुंचेंगे और आदि कैलाश के साक्षात दर्शन करेंगे। इसके साथ ही वह गुंजी में एक समारोह में चीन सीमा को जोड़ने वाले लिपूलेख मार्ग का लोकार्पण भी करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री सीधे पिथौरागढ़ जनपद मुख्यालय पहुंचेंगे और यहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री लोहाघाट के प्राकृतिक रूप से बेहद खूबसूरत मायावती आश्रम में रूक सकते हैं। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री उसी कमरे में रूकेंगे जहां पहले विवेकानंद जी रूके थे। वह यहां ध्यान भी लगायेंगे।
प्रधानमंत्री का अंतिम कार्यक्रम अभी पिथौरागढ़ या चंपावत जिला प्रशासन को नहीं मिला है लेकिन प्रशासन तैयारियों में जुट गयी है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिये एक हजार जवान तैनात करने की योजना बनायी है। चीन सीमा से सटे ज्योलिंकोंग में चाक चौबंद व्यवस्था की गयी है। यहां 250 से 300 जवान तैनात रहेंगे। साथ ही सात सौ से आठ सौ जवान पिथौरागढ़ में लगाये जाने की योजना है।
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर कुमाऊं मंडल के तीन जिलों पिथौरागढ़, चंपावत और अल्मोड़ा का जिला प्रशासन मुस्तैदी से जुटा हुआ है। यह भी अनुमान है कि प्रधानमंत्री अल्मोड़ा के प्रसिद्ध जागेश्वर धाम के भी दर्शन कर सकते हैं। जागेश्वर के शौकियाथल में भारतीय वायु सेना के हेलीकाप्टर प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर अभ्यास कर रहे हैं।
उत्तराखंड के दौरे पर आ सकते हैं मोदी
