कोटा : पूर्व संसदीय सचिव भवानी सिंह राजावत ने राज्य सरकार से चम्बल नदी की दाईं मुख्य नहर से उम्मेदगंज के यहां से डायवर्जन चौनल बनाकर आलनियां की नहरों मे चम्बल का पानी डालने की मांग की है। राजावत ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर अवगत करवाया कि लाडपुरा विधानसभा मे केबल नगर के समीप आलनियां बांध का निर्माण 1962 मे हुआ था और इस बांध के माध्यम से 36 से अधिक गांव की 5636 हैक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती हैं जिसके लिए 75 किलोमीटर लम्बी आलनियां बांध की नहरें हैं।
इस साल बरसात कम होने से स्थिति विकट हो गई हैं। पानी के अभाव में फ़सले सूख रही हैं। उन्होनें सरकार से मांग की हैं कि चम्बल की दाईं मुख्य नहर से उम्मेदगंज के यहां से डायवर्जन चौनल बनाकर आलनिया की नहरों मे चम्बल का पानी डाला जाएं। राजावत ने पत्र में कहा कि बरसात में चम्बल का लाखों क्यूसेक पानी बैराज से छोड़ा जाता हैं जो व्यर्थ मे बहकर समुद्र में चला जाता हैं।
दाईं मुख्य नहर से आलनियां बांध में पानी ड़ालने के बारे में मध्यप्रदेश और राजस्थान की सामूहिक बैठक बुलवाकर तत्काल फैसला लिया जाना चाहिए ताकि इन 36 गांवों मे अकाल की स्थिति का सामना नहीं करना पड़े क्योंकि आलनिया के नहरी तंत्र को 11 करोड़ की लागत से केन्द्र सरकार ने सुदृढ़ करवा दिया और रानपुर के पास डायवर्जन चौनल का भी निर्माण करवा दिया लेकिन जब बरसात नही होती हैं और आलनियां खाली रह जाता है तो किसानों के सामने गम्भीर स्थिति खड़ी हो जाती हैं।
