गांधीनगर : गुजरात के मोरबी में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमईएस) राज्य मंत्री जगदीश विश्वकर्मा की उपस्थिति में वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट मोरबी कार्यक्रम नौ अक्टूबर को आयोजित होगा। सरकारी सूत्रों ने शनिवार को बताया कि मोरबी ज़िले से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के तहत सिरामिक टाइल्स तथा सैनिटरी वेयर का चयन किया गया है। सिरामिक उद्योग क्षेत्र में गुजरात का मोरबी ज़िला सिरमौर है।
आज गुजरात का मोरबी ज़िला भारत का सिरामिक हब बना है। सिरामिक टाइल्स, सैनिटरी वेयर, औद्योगिक व तकनीकी सिरामिक्स की 1000 से अधिक उत्पाद इकाइयों के साथ गुजरात का अकेला मोरबी ज़िला ही भारत में सिरामिक उत्पादों के बाज़ार हिस्से में लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा रखता है। मोरबी का सिरामिक उद्योग लगभग चार लाख लोगों को देता है रोज़गार : मोरबी ज़िले का सिरामिक क्लस्टर विश्व का दूसरे नंबर का सबसे बड़ा सिरामिक प्रोडक्ट्स उत्पादन करने वाला क्लस्टर है। मोरबी ज़िले में लगभग 1000 सिरामिक इकाइयाँ हैं, जिनका कुल वार्षिक टर्नओवर लगभग 60,000 करोड़ रुपए है। ये इकाइयाँ लगभग चार लाख लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से रोज़गार प्रदान करती हैं। वित्तीय वर्ष 2022-23 में गुजरात से सिरामिक सेक्टर में 20,000 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का निर्यात हुआ है, जो भारत के कुल सिरामिक निर्यात का 80 प्रतिशत है और इसमें मोरबी ज़िले के सिरामिक क्लस्टर से 15,000 करोड़ रुपए से भी अधिक मूल्य का निर्यात किया गया है।
पॉलीपैक उद्योग क्षेत्र में भी मोरबी बन सकता है राज्य का अग्रणी ज़िला: सिरामिक क्षेत्र की भांति पॉलीपैक उद्योग क्षेत्र में भी राज्य का मोरबी ज़िला निकट भविष्य में अग्रणी ज़िले के रूप में स्थान प्राप्त कर सकता है। हाल में मोरबी ज़िले में पी पी वुवन प्रोडक्ट की कुल 150 इकाइयाँ कार्यरत हैं। मोरबी का पॉलीपैक उद्योग हाल में वार्षिक लगभग पांच लाख मैट्रिक टन (एमटी) पी पी वुवन फ़ैब्रिक का उत्पादन करता है, जिसका कुल वार्षिक टर्नओवर अनुमानित 5500 करोड़ रुपए है। पॉलीपैक उद्योग हाल में मोरबी के अनुमानित 15,000 से 20,000 लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रोज़गार प्रदान करता है।
मोरबी ज़िले के वॉल क्लॉक उद्योग का भारत के वॉल क्लॉक उत्पादन में 75 प्रतिशत हिस्सा: सिरामिक तथा पॉलीपैक की तरह ही वॉल क्लॉक एवं गिफ़्ट आर्टिकल उद्योग भी मोरबी में बहुत ही बड़े पैमाने पर विकसित हुआ है। मोरबी ज़िले के वॉल क्लॉक तथा गिफ़्ट आर्टिकल उद्योग का भारत के वॉल क्लॉक उत्पादन में 75 प्रतिशत हिस्सा है। मोरबी ज़िले में वॉल क्लॉक की लगभग 80 से 90 इकाइयाँ हैं। यह उद्योग लगभग 18,000 लोगों को प्रत्यक्ष व परोक्ष रोज़गार प्रदान करता है, जिनमें 16,000 महिलाएँ हैं।
मोरबी का वॉल क्लॉक उद्योग हाल में दैनिक लगभग 1.5 लाख वॉल क्लॉक पीस/गिफ़्ट आर्टिकल्स का उत्पादन करता है और इस उद्योग का वार्षिक टर्नओवर लगभग 600-700 करोड़ रुपए है। इसमें 50-60 करोड़ रुपए के वॉल क्लॉक/गिफ़्ट आर्टिकल्स का निर्यात किया जाता है।
मोरबी ज़िले के अन्य उद्योग: मोरबी ज़िले में पेपर मिल उद्योग की 60 से अधिक इकाइयाँ कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 3000 करोड़ रुपए का पूंजी निवेश आया है। इसके द्वारा लगभग 10,000 लोगों को रोज़गार प्रदान किया जाता है। इसके अतिरिक्त, मोरबी में 30 से अधिक इकाइयों में कार्यरत नमक कामगार नमक उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मोरबी ज़िला मिट्टी कार्य के कारीगरों के लिए भी विख्यात है।
उल्लेखनीय है कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन व नेतृत्व में गुजरात वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 10वें संस्करण के लिए सज्ज हो रहा है। 10 से 12 जनवरी, 2024 के दौरान आयोजित होने वाली वाइब्रेंट समिट के अंतर्गत राज्य में इस माह दो अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक वाइब्रेंट गुजरात- वाइब्रेंट डिस्ट्रिक्ट कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें राज्य के सभी 33 ज़िलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इन कार्यक्रमों के दौरान आयोजित होने वाली 2-3 दिवसीय प्रदर्शनी में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) के अंतर्गत प्रत्येक ज़िले से चयनित प्रोडक्ट को प्राथमिकता दी जाएगी। जिसमें नौ अक्टूबर को मोरबी में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग (एमएसएमईएस) राज्य मंत्री श्री विश्वकर्मा की उपस्थिति में वाइब्रेंट गुजरात-वाइब्रेंट मोरबी कार्यक्रम आयोजित होगा।
